अन्य

    भारत के सहयोग के बिना कोई नहीं बन सकता है दुनिया का चौधरी, जानें कैसे?

    इंडिया न्यूज रिपोर्ट डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध से पूरी दुनिया प्रभावित नजर आ रही है, पर सबसे ज्यादा चुनौति अगर कोई देश झेल रहा है तो वह है भारत। इस पूरे मसले में भारत तलवार की धार पर ही चलता प्रतीत हो रहा है।

    भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौति दुनिया के चौधरी अमेरिका और एक अन्य महाशक्ति रूस से अपने संबंध बरकरार रखने की है। रूस और यूक्रेन के बीच हो रही जग में लगभग डेढ़ माह तक तो भारत दोनों महाशक्तियों के साथ संबंध बरकरार रखने में पूरी तरह सफल रहा है। पर कब तक!

    अगर युद्ध समाप्त नहीं हुआ और रूस तथा अमेरिका के बीच रिश्तों में तल्खियां इसी तरह बढ़ती रहीं तो आखिर एक न एक दिन भारत को किसी एक का साथ देना मजबूरी न बन जाए।

    लगातार आ रही खबरों के अनुसार भारत पर अमेरिका जमकर दबाव बना रहा है। अमेरिका का दबाव है कि वह रूस के प्रति अपनी स्थिति स्पष्ट करे। ब्रहस्पतिवार को क्वाड की बैठक के उपरांत अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाईडन ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध पर दो टूक शब्दों में कह दिया कि इस संबंध में किसी भी देश की कोई बहाना या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    जानकार इस वक्तव्य को भारत के प्रति अमेरिका की चेतावनी के रूप में भी लेते दिख रहे हैं। क्वाड में शामिल आस्ट्रेलिया और जापान अमेरिका के दबाव में ही सही पर रूस की खुलकर आलोचना करते भी नजर आ रहे हैं।

    भारत जब आजाद हुआ उस वक्त दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति सोवियत संघ हुआ करती थी। भारत में अंतरिक्ष, रक्षा, औघोगिक विकास, तकनीक, परमाणु उर्जा जैसे अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रूस के सहयोग को नकारा नहीं जा सकता है।

    इतना ही नहीं नई उभरती महाशक्ति चीन के साथ भी भारत, रूस एवं चीन के समूह में रूस ने भारत और चीन के बीच एक सेतु का काम भी किया है इस बात को भी भुलाया नहीं जा सकता है।

    इस बात में कोई संदेह नहीं है कि भारत और रूस के संबंध शुरूआती दौर से ही बहुत ज्यादा प्रगाढ़ रहे हैं। हाल ही में रूस के साथ भारत ने मिलकर दोनों ही देशों के सहयोग से मेक इन इंडिया की पहल से द्विपक्षीय संबंधों में खाद पानी डालने का जतन भी किया था।

    बहरहाल, रूस और यूक्रेन के युद्ध के चलते भारत पर काफी दबाव भी महसूस किया जा रहा है, पर भारत सदा की भांति इस समय भी जमकर डिमांड में है। भारत की तटस्थ नीति के कारण दुनिया भर के देशों में बेचैनी साफ तौर पर महसूस की जा रही है।

    संयुक्त राष्ट्र मे भारत के द्वारा भले ही यूक्रेन का पक्ष लिया गया हो पर स्पष्ट तौर पर भारत रूस के खिलाफ भी नहीं गया है। दुनिया भर के विभिन्न देशों के मंत्रियों और अधिकारियों ने भारत की ओर रूख करना भी आरंभ किया है। जबसे इस युद्ध का बिगुल बजा है, उसके बाद से दो चार दिनों के अंतराल में एक न एक देश के विदेश मंत्री अथवा विदेश सेवा के अधिकारी का पड़ाव नई दिल्ली बन रहा है।

    पिछले कुछ दिनों से यह भी महसूस किया जा रहा है कि अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन जैसे विकसित देश भारत पर न केवल लगातार नजर रखे हैं वरन वे भारत को अपने पक्ष में करने की कोशिश करते भी दिख रहे हैं।

    आज का परिवेश हो या पुराना कोई समय, हर बार विश्व की महाशक्तियों को भारत के सहयोग की दरकार ही रहती आई है। हाल ही में रूस के विदेश मंत्री सर्गेव लावरोव भारत यात्रा पर हैं, ठीक उसी समय अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दलीप सिंह भी भारत यात्रा पर हैं। दोनों की यात्राएं तफरीह के लिए कतई नहीं हैं।

    अमेरिका चाह रहा है कि भारत रूस की मदद न करे तो रूस की भी यही कोशिश होगी कि वह भारत को नाटो के साथ जाने से रोके। और तो और भारत के द्वारा अमेरिका की परवाह किए बिना ही रूस से तेल खरीदी को मंजूरी देकर सभी को चौंका दिया है।

    भारत, रूस और चीन के त्रिकोण में अब बर्फ पिघलती भी दिख रही है। रूस के विदेश मंत्री जब भारत आए थे तब वे बरास्ता चीन ही आए थे। इसके साथ ही चीन के विदेश मंत्री ने भी भारत का हाल ही में दौरा किया है।

    दरअसल, चीन को अपने उत्पाद खपाने के लिए भारत से बेहतरीन बाजार दूसरा नहीं मिल सकता, किन्तु ड्रेगन जिस तरह से बार बार भारत को आंखें दिखाता है उससे भारत चीन के व्यापारिक मसले प्रभावित हुए बिना नहीं रहते।

    देखा जाए तो तकनीक, आईटी, पर्यटन, व्यापार आदि मामलों में भारत और अमेरिका की गलबहियां यूं ही नहीं बनीं। दरअसल, भारत और चीन के बीच जब भी रार हुई उस वक्त रूस के राष्ट्रपति पुतिन ज्यादातर मौकों पर चीन के सााथ दिखे, जिसके कारण भारत से उसकी कुछ दूरी बढ़ीं तो अमेरिका के साथ भारत की नजदीकियां भी बढ़ती गईं।

    आज जिस तरह के हालात दिखाई दे रहे हैं, उसे देखकर यही लग रहा है कि विश्व की व्यवस्थाएं अब एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर जाकर खड़ी हो चुकी हैं। आने वाले समय में विश्व की महाशक्ति कौन बनेगा, अमेरिका का दबदबा कायम रहेगा या रूस एक बार फिर सिरमौर बनेगा!

    यह कहा नहीं जा सकता है। भारत को सधे हुए कदमों से आगे बढ़ते हुए फिलहाल तो तटस्थ रवैया ही अख्तयार करना चाहिए। भारत को बहुत ही सोच समझकर कदम आगे बढ़ाना चाहिए।

    जहां तक रही रूस और यूक्रेन की बात तो दोनों ही देशों के साथ कूटनितिक रवैया रखते हुए अपना पक्ष मजबूत रखने की फिलहाल आवश्यका है।

    दरअसल, जिसे भी विश्व में महाशक्ति बनना है उसे भारत के सहयोग की दरकार होगी ही। यह सच है कि भारत के सहयोग के बिना कोई भी देश विश्व का चौधरी नहीं बन सकता . . .!

    41 साल तक जमींदार का फर्जी बेटा बनकर रहा भिखारी, करोड़ों की संपत्ति बेची, कोर्ट ने दी 3 साल की सजा

    पाकिस्तान: इमरान खान को बड़ी राहत, अविश्वास प्रस्ताव खारिज, नेशनल असेंबली भंग, 90 दिनों में चुनाव

    रूस एक बार फिर बन सकता है दुनिया का चौधरी ?

    केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल से असम-मेघालय का 50 साल पुराना खूनी सीमा विवाद सुलझा

    याचिका खारिजः इस्लाम में अनिवार्य नहीं है हिजाब पहनना -हाईकोर्ट

    Comments

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Expert Media News_Youtube
    Video thumbnail
    देखिए लालू-राबड़ी पुत्र तेजप्रताप यादव की लाईव रिपोर्टिंग- 'भागा रे भागा, रिपोर्टर दुम दबाकर भागा !'
    06:51
    Video thumbnail
    गुजरात में चरखा से सूत काट रहे हैं बिहार के मंत्री शहनवाज हुसैन
    02:13
    Video thumbnail
    एक छोटा बच्चा बता रहा है बड़ी मछली पकड़ने सबसे आसान झारखंडी तारीका...
    02:21
    Video thumbnail
    शराबबंदी को लेकर अब इतने गुस्से में क्यों हैं बिहार के सीएम नीतीश कुमार ?
    01:30
    Video thumbnail
    अब महंगाई के सबाल पर बाबा रामदेव को यूं मिर्ची लगती है....!
    00:55
    Video thumbnail
    यूं बेघर हुए भाजपा के हनुमान, सड़क पर मोदी-पासवान..
    00:30
    Video thumbnail
    देखिए पटना जिले का ऐय्याश सरकारी बाबू...शराब,शबाब और...
    02:52
    Video thumbnail
    बिहार बोर्ड का गजब खेल: हैलो, हैलो बोर्ड परीक्षा की कापी में ऐसे बढ़ा लो नंबर!
    01:54
    Video thumbnail
    नालंदाः भीड़ का हंगामा, दारोगा को पीटा, थानेदार का कॉलर पकड़ा, खदेड़कर पीटा
    01:57
    Video thumbnail
    राँचीः ओरमाँझी ब्लॉक चौक में बेमतलब फ्लाई ओवर ब्रिज बनाने की आशंका से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
    07:16