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    कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय को ड्रोन उपयोग करने की अनुमति, जानें क्या हैं शर्तें

    INR (PBNS). केंद्र सरकार ने कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय को ड्रोन उपयोग करने की अनुमति दे दी है। विभिन्न शर्तों के आधार पर यह अनुमति दी गई है।

    इस अनुमति के तहत कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ड्रोन का उपयोग देश के 100 जिलों के कृषि क्षेत्रों में रिमोट सेंसिंग डाटा एकत्रित करने के लिए करेगा।

    यह डाटा ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के अंतर्गत उपज अनुमान के लिए एकत्रित किया जाएगा। हालांकि नागर विमानन मंत्रालय तथा नागर विमानन महानिदेशालय ने भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय को दूर से संचालित विमान प्रणाली (RAPS) के उपयोग की सशर्त छूट दी है।

    उपयोग की शर्ते और सीमाएं
    > नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि स्वीकृत एसओपी के अनुसार एक अनुभवी प्रशिक्षितकर्मी आरपीएएस का संचालन करेगा।

    > मंत्रालय यह भी सुनिश्चित करेगा कि दूर से विमान संचालित करने वाले कर्मी स्वीकृत एफटीओ, आरपीटीओ के माध्यम से प्रशिक्षित हैं।

    > नागर विमानन मंत्रालय ने यह भी कहा है कि कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय आरपीएएस को कामकाजी स्थिति में सुनिश्चित करेगा और स्वीकृत एसओपी के अनुसार देखभाल करेगा और किसी आकस्मिक गड़बड़ी तथा उपकरणों में खराबी से उत्पन्न समस्या के लिए जिम्मेदार होगा। सके साथ ही वह प्रत्येक आरपीए उड़ान का रिकॉर्ड रखेगा और मांगने पर ऐसे रिकॉर्ड डीजीसीए को उपलब्ध कराएगा।

    > कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय विमान से फोटोग्राफी के लिए नियमन और सूचना महानिदेशालय, डीजीसीए या रक्षा मंत्रालय (जो लागू हो) से आवश्यक अनुमति लेगी।

    > आरपीएएस के माध्यम से लिए गए फोटो और वीडियो का उपयोग केवल कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा ही किया जाएगा।

    > कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय आरपीएएस तथा आरपीएएस के माध्यम से एकत्रित डेटा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होगा।

    > आरपीएएस का संचालन दिन के लिए (सूर्योदय से सूर्यास्त) तक होगा। यह संचालन अनियंत्रित वायुक्षेत्र में विजुअल लाइन ऑफ साइट (वीएलओएस) के अंदर होगी और एजीआई से ऊंचाई 200 फीट (एजीएल) अधिकतम होगी।

    > आरपीएएस सीएआर के प्रावधानों के अनुसार हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों में संचालित नहीं होगा। हवाई अड्डे के आसपास आवश्यक संचालन के लिए पहले से समय और संचालन क्षेत्र के बारे में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) या संबंधित हवाई अड्डा/एयरफील्ड ऑपरेटर से स्वीकृति लेनी होगी।

    >कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि आरपीएएस के उड़ान के दौरान कोई चीज नीचे नहीं गिराई जाएगी। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी परिस्थित में आरपीए घातक सामग्री या भारी वजन की चीज नहीं ले जाएगी।

    > कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि आरपीएएस संचालन के दौरान संचालन क्षेत्र (ग्राउंड स्टेशन सहित) किसी भी असंबंधित व्यक्ति की अनुमति नहीं होगी और सुनिश्चित करेगा कि एसओपी/आरपीएएस उड़ान मैनुअल में दी गई सुरक्षा शर्तों का पालन किया जाएगा।

    > कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय लोगों, संपत्ति, ऑपरेटर आदि की सुरक्षा और निजता सुनिश्चित करेगा।

    > कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि किसी व्यक्ति या संपत्ति को खतरा पहुंचाने के लिए उड़ान नहीं भरेगा। उपकरण से शारीरिक संपर्क के कारण किसी व्यक्ति के घायल होने की

    >स्थिति में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय मेडिको-लीगल मामलों के लिए जिम्मेदार होगा। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय बीमा पॉलिसी वैधता सुनिश्चित करेगी, ताकि तीसरे पक्ष को दुर्घटना से नुकसान की स्थिति में सुरक्षा कवच प्रदान किया जा सके।

    > कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय सीएआर सेक्शन तीन के पैरा 13.1, सीरीज-X पार्ट-1 में दिए गए नो फ्लाई जोन में मंत्रालय/अधिकारियों की स्वीकृति के बिना आरपीएएस का संचालन नहीं करेगा।

    > इन संचालनों के कारण किसी कानूनी मामले या अन्य मामले में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय डीजीसीए को सुरक्षित रखेगा।

    > यह पत्र दूर से संचालित विमान प्रणाली के बारे में सरकारी एजेंसियों तथा दूसरे कानूनों से लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं करेगा।

    > संचालन के किसी चरण में दुर्घटना के मामले में पूरे ब्यौरे के साथ डीजीसीए के वायु सुरक्षा महानिदेशालय को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

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