जनहित याचिका दायरः ‘बंगाल चुनाव के प्रचारकों के खिलाफ एफआईआर कर उन्हें होम क्वारंटाइन करवाएं मी लार्ड’

“याचिका में ऐसे सभी चुनाव प्रचारकों और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए निर्वाचन आयोग को दिशा-निर्देश देने के लिए कहा गया है, जिन्होंने खुले तौर पर मास्किंग और फिजिकल ‌डिस्टेंसिंग के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है…

इंडिया न्यूज रिपोर्टर डेस्क (लाइव लॉ)। दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में प्रचार करने वाले व्यक्तियों के लिए अनिवार्य होम क्वारंटाइन सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है।

याचिका में ऐसे सभी चुनाव प्रचारकों और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए निर्वाचन आयोग को दिशा-निर्देश देने के लिए कहा गया है, जिन्होंने खुले तौर पर मास्किंग और फिजिकल ‌डिस्टेंसिंग के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है।

डॉ विक्रम सिंह, पूर्व डीजीपी और चेयरमैन, सेंटर फॉर एकाउंटेबिलिटी एंड सिस्टेमिक चेंज (CASC) की ओर से दायर याचिका में चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए कोविड मानदंडों का उल्लंघन करने वाले उम्मीदवारों पर रोक लगाने की मांग की गई हैं।

राजनीतिक दलों द्वारा कोरोना संबंधित दिशा निर्देशों का उल्लंघन किए जाने कारण कोरोनावायरस के मामलों की सुनामी आ गई है और बड़े पैमाने पर मौतें हुई हैं, इसकी चर्चा करते हुए दलील में कहा गया है कि कोविड-19 के फैलने की जवाबदेही सीधे चुनाव आयोग, गृह मंत्रालय और सभी राजनीतिक दलों की है, क्योंकि उन्होंने तब प्रभावी ढंग से नियमों का पालन नहीं किया, जब यह सबसे अधिक मायने रखता था।

याचिका में कहा गया है “बिना सोचे-समझे और अनियंत्रित ढंग से किए गए चुनाव प्रचार के कारण कोविड के मामलों में वृद्धि हुई है। कथित तौर पर, कोलकाता में हर दूसरा व्यक्ति कोविड पॉजेटिव है। पश्चिम बंगाल में पॉजेटिव होने की दर 5% से बढ़कर 24% हो गई है।”

दिल्ली सरकार द्वारा हाल ही में कुंभ गए दिल्लीवासियों को घर से बाहर निकलने पर रोक लगाने के फैसले का हवाला देते हुए, याचिका में कहा गया है, “चुनाव आयोग द्वारा अपने ही दिशानिर्देशों को लागू करने में की और रोडशो और रैलियों के लिए दी गई अनुमति को रद्द करने में की गई बरता गया ढीला रवैया कोविड पॉजेटिव हो रहे चुनाव प्रचारकों की संख्या से स्पष्ट है।आयोग अब जो कुछ भी कर रहा है वह केवल सार्वजनिक दबाव के कारण कर रहा है और वह दिखावा अधिक है।”

याचिका में निम्नलिखित प्रार्थनाएं की गई हैं…

– पश्चिम बंगाल में बीते एक सप्ताह में प्रचार कर चुके व्यक्तियों को अनिवार्य रूप घर में क्वारंटीन रहना सुनिश्चित करने के लिए प्रतिवादी को निर्देश दिए जाएं।

 – चुनाव आयोग के पास मौजूदा राजनीतिक दलों की रैलियों और रोड शो के सभी साक्ष्य जब्त किए जाएं।

– रोड शो और रैलियों में जुटी भीड़ की संख्या के आधार पर चुनाव आयोग को सभी राजनीतिक दलों से जुर्माना वसूलने का निर्देश किया जाए, जो चुनाव आयोग के कोविड दिशानिर्देशों का उल्लंघन था।

 – चुनाव आयोग को सभी स्टार प्रचारकों और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दें, जिन्होंने चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया।

– चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ प्रत्यक्ष मुकदमा चले, जो अपने खुद के कोविड दिशानिर्देशों को लागू करने में विफल रहे।

लेट्स्ट न्यूज़