Saturday, April 17, 2021

वन नेशन वन राशन कार्डः ‘मेरा राशन’ एप्प की शुरुआत से प्रवासी कामगारों को होगा फायदा

INR. वन नेशन वन राशन कार्ड (ओएनओआरसी) के बाद उपभोक्ताओं के लिए ‘मेरा राशन मोबाइल’ एप्लिकेशन की शुरुआत की गई है।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण सचिव सुधांशु पांडेय ने बताया कि मेरा राशन मोबाइल एप उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा जो अपनी आजीविका के लिए अपने घरों से किसी अन्य स्थान पर जाते हैं।

32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू
इस दौरान ओएनओआरसी योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआत चार राज्यों में अगस्त 2019 में शुरू हुई और बहुत ही कम समय में दिसंबर 2020 तक 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे लागू कर दिया गया।

बचे हुए 4 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों असम, छत्तीसगढ़, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में भी अगले कुछ महीनों में इसके लागू होने की संभावना है।

फरवरी 2021 तक लगभग 15.4 करोड़ पोटेबिलिटी ट्रांजैक्शन
सुधांशु पांडेय ने कहा कि इसके तहत कोविड-19 महामारी के दौरान विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों को लाभ पहुंचा और वे सब्सिडी पर खाद्यान्न प्राप्त कर सके। लॉकडाउन के दौरान लाभार्थी जहां भी थे, वहीं पर इस सुविधा का लाभ उठाते हुए खाद्यान्न प्राप्त कर सके।

इसके अंतर्गत किसी भी एफपीएस के चयन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 के बीच ओएनओआरसी के अंतर्गत लगभग 15.4 करोड़ पोटेबिलिटी ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड किए गए।

अन्य मंत्रालयों और विभागों के साथ मिल कर कर रहा है कार्य
प्रवासी एनएफएसए लाभार्थियों को और सहूलियत पहुंचाने के क्रम में विभाग लगातार अन्य मंत्रालयों और विभागों के साथ सहयोग और साझेदारी कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रवासी पोर्टल के साथ ओ एनओआरसी को एकीकृत करने के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की मदद ली जा रही है।

देश के किसी भी स्थान से उठा सकते हैं लाभ
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा ओएनओआरसी में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी का राष्ट्रव्यापी अभियान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एनएफएसए के अंतर्गत चलाया जा रहा है।

यह व्यवस्था सभी एनएफएसए लाभार्थियों को विशेष रूप से प्रवासी लाभार्थियों को सहूलियत देती है। इसके अंतर्गत लाभार्थी अपने हिस्से का पूरा राशन या उसका कुछ हिस्सा देश की किसी भी सस्ती दर की दुकान यानी एफपीएस से लेने का अधिकारी है।

बायोमेट्रिक या आधार प्रमाणन से यह लाभ उठाया जा सकता है। इस सिस्टम की मदद से ही ऐसे प्रवासी श्रमिकों के परिवार के सदस्यों के घर वापसी की स्थिति में बचे हुए राशन को उसी राशन कार्ड से अन्य स्थान से प्राप्त करने की भी सुविधा मिलती है।

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