Tuesday, April 13, 2021

विशेष नस्ल की बेहद दुर्लभ गायः जिसके दूध से होता है भगवान वेंकटेश का अभिषेक

सोशल मीडिया पर एक प्यारी सी गाय की बछिया का वीडियो वायरल हो रहा है। ये गाय की बछिया पुगनुर नस्ल की है।

इस गाय से जुड़ा एक वीडियो आंध्र प्रदेश के सलाहकार और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता एस राजीव कृष्णा ने ट्विटर पर शेयर किया था।

इसमें उन्होंने लिखा था कि छोटी गाय की बछिया मेरे घर आई है। पुंगनुरू गाय की प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर खड़ी है। दिखने में यह काफी खूबसूरत है। लोग पुंगनुर बछिया को देखकर खुद को इसकी तारीफ करने से रोक नहीं पा रहे।

यह गाय आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के पुंगनूर गांव में पैदा हुई थी, इसीलिए इसे पुंगनुरू गाय बोला जाता है। यह गाय “ड्वार्फ काउ” के नाम से भी प्रसिद्ध है। यह गाय बेहद दुर्लभ और विशेष नस्ल की है।

तीन से चार फीट की होती है पुंगनूर गायः पुंगनूर गाय तीन से चार फीट की होती है और इसका वजन 150 से 200 किलो तक होता है।

इस नस्ल की गाय एक दिन में चार से पांच लीटर हाई फैट मिल्क देती है। इसमें भैंस के दूध के बराबर ही फैट पाया जाता है। इस गाय की कीमत साढ़े तीन लाख रुपए तक होती है।

आमतौर पर गाय के दूध में तीन फीसद तक ही फैट होता है, लेकिन इस गाय के दूध में आठ फीसद तक फैट पाया जाता है।

विजयनगर साम्राज्य और पीथमपुर शासकों के समय पुंगनुरू गाय को प्राप्त होता था संरक्षणः पुंगनुरू गाय को विजयनगर साम्राज्य और पीथमपुर शासकों के समय संरक्षण प्राप्त था। पुंगनूर गाय आंध्र प्रदेश में आज भी लोगों का स्टेटस सिंबल है। सरकारी डाटा के मुताबिक गाय की पुंगूर नस्ल विलुप्त होने की कगार पर है।

भारत में मुश्किल से अब 1000 के करीब पुंगनूर नस्ल की गाय बची है। इसीलिए सरकार मिशन पुंगनूर चला रही है, ताकि पुंगनूर गायों को बचाया जा सके।

पुंगनूर गाय का मूत्र ‘हाईली एंटी बैक्टीरियल’, दूध में कई औषधीय गुणः ये गाय दिन में केवल पांच किलो ही चारा खाकर पांच लीटर तक दूध दे सकती है। इसके दूध में कई औषधीय गुण भी मौजूद हैं।

एक अंग्रेजी दैनिक के मुताबिक इस नस्ल की गाय का मूत्र 10 रुपए प्रति लीटर बिकता है और इसका गोबर 5 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से बिकता है। पुंगनुर गाय का मूत्र हाइली एंटी बैक्टीरियल होता है, जिसका इस्तेमाल आंध्र के किसान फसलों पर छिड़काव के रूप में करते हैं।

इस गाय की एक और खास बात है तिरुपति स्थित भगवान वेंकटेश का अभिषेक सिर्फ इसी गाय के दूध से होता है और इस मंदिर में सिर्फ इसी गाय के प्राप्त घी के लड्डू बनते हैं….

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