स्थापना दिवस विशेषः मूल सिद्धांतों के साथ आर्थिक प्रगति की ओर बढ़ता मिज़ोरम

INR (PBNS). पूर्वोत्तर भारत की गोद में एक सुंदर राज्य है, जहां वर्षों पुरानी संस्कृति और नए जमाने का बेजोड़ संगम दिखाई देता है। नॉर्थ-ईस्ट के सात राज्यों में से एक मिज़ोरम म्यांमार और बांग्लादेश की सीमा से लगा है और दक्षिण एशियाई देशों के साथ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में अहम भूमिका निभाता है।

यह राज्य दोनों देशों के साथ 722 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। पिछले एक दशक में मिज़ोरम में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट तेज़ी से हुआ है, जिसके फलस्वरूप यहां की अर्थव्यवस्था में तेज़ी से वृद्धि हुई है।

आज यानी 20 फरवरी को मिज़ोरम की बात करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि आज ही के दिन इसे राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था। इस दिन को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा सके, इसलिए राज्य में आज के दिन अवकाश होता है।

राज्य के स्थापना दिवस पर जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिनमें यहां के लोक नृत्यों व लोक गीतों का अनोखा संगम देखने को मिलता है।

प्राकृतिक सौंदर्य से लबरेज़ व सदियों पुराने इतिहास का गवाह मिज़ोरम पहले असम का एक जिला हुआ करता था। 1972 में संघ शासित प्रदेश बना और 20 फरवरी 1987 को इसे राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था।

यहां के लोग ‘त्लॉन्गइहना’ के मूल सिद्धांतों को मानते हैं, जिसके अंतर्गत समाज में लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता। हर किसी को अच्छा जीवन जीने का अधिकार है और हर कोई बाकियों की मदद करने के लिए तत्पर रहता है।

मिज़ोरम से जुड़ी कुछ बातें
• मिज़ोरम की राजधानी आयज़वाल है
• भौगोलिक क्षेत्रफल 21,087 वर्ग किलोमीटर है
• प्रदेश की राजभाषा मिज़ो और अंग्रेजी है
• यहां की साक्षरता दर 91.33 प्रतिशत है
• बांस, ऊर्जा, रेशम, फल, टूरिज्म, फूड प्रोसेसिंग, आईटी और औषधियों के उद्योग यहां के प्रमुख उद्योग हैं
• पुआनचेई, कॉरचेई, गोटेखेर, हमर अम, साइना ह्नो यहां के प्रमुख परिधान हैं
• मिज़ोरम के 61% जनसंख्या 15-59 वर्ष की आयु के बीच में हैं।
• राज्य की जनसंख्या मॉरीशस की जनसंख्या के बराबर है।
• मिज़ो लोगों का इतिहास

इतिहास के पन्ने पलटने पर आप पाएंगे कि मंगोलियन जाति के लोग जो पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में जाकर बस गए थे, मिज़ोरम के लोग उन्हीं के वंशज हैं। 7वीं सदी में करीब 200 साल तक मिज़ो समुदाय के लोग पश्चिमी बर्मा के अस्थाई निवासी थे। 9वीं सदी में ब्रिटिश मिशनरी से प्रभावित हुए और आज ज्यादातर मिज़ो ईसाई हैं। ब्रिटिश मिशनरी के संपर्क में आने से सबसे बड़ा फायदा शिक्षा के क्षेत्र में मिला। मिशनरी संस्थाओं ने आगे चलकर मिज़ो भाषा को रोमन स्क्रिप्ट में तैयार किया और स्कूली शिक्षा में शामिल किया।

मिज़ोरम के त्योहार
मिम कुट
: यह त्योहार अगस्त सितंबर में मनाया जाता है, जिसमें मक्का की खेती के बाद लोग घरों को सजाते हैं नाचते-गाते हैं। इस मौके पर विभिन्न प्रकार के पकवान बनाये जाते हैं।

पॉल कुट: दिसंबर से जनवरी के बीच मनाये जाने वाले यह त्योहार भी फसल कटने के बाद मनाया जाता है। दो दिन के त्योहार में लोकनृत्य व संगीत का आयोजन किया जाता है।

चपचर कुट: यह संगीत से जुड़ा त्योहार है, जिसमें आपको जगह-जगह गिटार की धुन सुनने को मिलेगी।

मिज़ोरम के विकास पर एक नज़र
• 2021 के अंत तक मिज़ोरम सरकार ने चार सौर्य ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिनकी क्षमता 80 मेगावॉट होगी।

• 2019-20 के राज्य बजट में शहरी विकास और गरीबों के उत्थान के लिए सरकार ने 376.84 करोड़ रुपए आवंटित किए।

• भैराबी-साईरंग के बीच रेल परियोजना का कार्य प्रगति पर है। 53 किलोमीटर की इस रेल लाइन पर 23 टनल, 36 बड़े और 147 छोटे पुल बनाए गए हैं।

• भारत सरकार ने अगस्त 2019 तक नेश्नल बैम्बू मिशन के अंतर्गत मिज़ोरम के लिए 5.71 करोड़ रुपए आवंटित किए।

• राज्य सरकार यहां के अधिक से अधिक लोगों को रेशम व्यापार से जोड़ने के प्रयास कर रही है।

• अटल मिशन फॉर रिजुविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन के तहत मिज़ोरम के लिए 140.25 करोड़ रुपए जनवरी 2019 में आवंटित किए गए।

• डिपार्टमेंट फॉर प्रोमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड के अनुसार अप्रैल 2000 से मार्च 2019 के बीच मिज़ोरम में 116 मिलियन डॉलर विदेशी निवेश हुआ।

• राज्य में जलविद्युत परियोजनाओं के जरिए 4500 मेगावॉट बिजली पैदा करने की क्षमता है। नवंबर 2019 तक कुल इंस्टॉल्ड पावर 97.94 मेगावॉट है।

• मिज़ोरम में कुल आठ इंडस्ट्रियल इस्टेट हैं, जिनमें से पांच सक्रिय हैं और तीन को अभी विकसित किया जा रहा है। इंडस्ट्रियल इस्टेट के विकास की जिम्मेदारी ज़ोरम इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की है।

• केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार मिज़ोरम में कुल 16 परियोजनाओं पर 1.01 बिलियन डॉलर के निवेश के अवसर खुले हैं। ये सभी परियोजनाएं सरकारी हैं।

लेटेस्ट न्यूज़

EMN_Youtube वीडियो न्यूज़
Video thumbnail
अंधविश्वास की हदः नालंदा में भगवान शकंर का अवतार बना यह बिचित्र बच्चा
03:37
Video thumbnail
यह बीडीओ है या गुंडा? फोन पर वार्ड सदस्य को दी यूं धमकी, की गाली-गलौज, ऑडियो वायरल
08:10
Video thumbnail
ऐसे ही उच्च कोटि के ज्ञानी भाजपा की आन-बान-शान हैं....
00:50
Video thumbnail
जेन्टस ब्यूटी पार्लर में लड़कियों का यूं होता है बॉडी मसाज
20:38
Video thumbnail
देखिए कांस्टेबल चयन बोर्ड के ओएसडी कमलाकांत प्रसाद की काली कहानी, उसी की पत्नी की जुबानी...
07:58
Video thumbnail
दुल्हन के बजाय सास की गले में डालने लगा वरमाला !
00:12
Video thumbnail
देखिए कोविड-19 के ईलाज को लेकर बाबा रामदेव का बवाल वीडियो
19:45
Video thumbnail
कौन है यह युवती, जो सीएम-पीएम की बजाकर सोशल मीडिया पर गरदा मचा रही है ?
05:18
Video thumbnail
एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क टीम से जुड़े, साथ चलें-आगे बढ़ें....
00:22
Video thumbnail
देखिए अपराधियों के हवाले सीएम नीतीश का नालंदा...
03:07