कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद अल्पमत में आई पुदुच्चेरी सरकार

INR (PBNS). पुदुच्चेरी में कांग्रेस के चार विधायकों के इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री नारायणसामी की सरकार अब अल्पमत में आ गई है। जिसके बाद राज्य के मुख्य विपक्षी दलों ने पुदुच्चेरी की कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है।

सोमवार को कांग्रेस विधायक मल्लादि कृष्ण राव ने और मंगलवार को जॉन कुमार ने इस्तीफा दिया, जिसके चलते विधानसभा में वर्तमान राज्य सरकार अल्पमत में पहुंच गई है। विरोधी दलों ने दावा किया है कि नारायणसामी सरकार बहुमत खो चुकी है।

भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के पास अब स्पीकर को छोड़ केवल 12 विधायकों का समर्थन है, जबकि बीजेपी, एनआरकांग्रेस और एआईएडीएमके मिला कर 14 विधायक विपक्ष में हैं। इनमें एक निर्दलीय विधायक भी शामिल है।

पुदुच्चेरी विधानसभा की वर्तमान स्थितिः
33 सदस्यों की पुदुच्चेरी विधानसभा में फिलहाल कांग्रेस के 10, डीएमके के 3 विधायक हैं। ऐसे में स्पीकर को हटा कर कुल 12 विधायक ही बचते हैं। जबकि विपक्ष में एनआर कांग्रेस के 7, एआईएडीएमके के 4 और बीजेपी के 3 विधायक हैं। एक निर्दलीय विधायक के समर्थन का दावा भी है।

पांच विधायकों की जगह फिलहाल खाली है। कांग्रेस के चार विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है, जबकि एक विधायक को पिछले साल बर्खास्त कर दिया गया था। ऐसे में सरकार और विपक्ष दोनों के पास अब 14-14 विधायक हैं।

2016 में कांग्रेस का रहा था दबदबाः
साल 2016 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुल 15 सीटें जीती थीं। हालांकि बाद में कांग्रेस को डीएमके और एक निर्दलीय का समर्थन भी मिल गया था। जिसके बाद राज्य सरकार का गठन 19 विधायकों को मिलाकर हुआ था।

दूसरी तरफ AIADMK ने चार और AINRC ने सात सीटें जीती थी। इस विधानसभा में भाजपा के तीन मनोनित सदस्य भी हैं।

पुदुच्चेरी विधानसभा चुनाव का इतिहासः
पुड्डुचेरी राज्य चार जिलों माहे, पुडुचेरी, कराईकल और यानाम को मिलाकर बना है। यह चारों जिले फ्रेंच वर्ष 1962 से पहले तक फ्रेंच शासन के अधीन थे।

पुदुच्चेरी विधान सभा भारत के पुदुच्चेरी केन्द्र शासित प्रदेश की विधायिका हैं। पुडुचेरी में कोई एक तय मानक फैक्टर विधानसभा में काम नहीं करता है।

दरअसल, पुडुचेरी का चुनावी एजेंडा पड़ोसी राज्यों के ट्रेंड से तय होता रहा है और साल 2016 का चुनाव में भी यह ट्रेंड देखा गया। राज्य में कुल 30 सीटों के लिए चुनाव होता है, जबकि 3 सदस्यों को भारत सरकार द्वारा नामित किया जाता है। साल 2016 में पुदुच्चेरी में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए।

अप्रैल-मई में होने हैं अगले चुनावः
पुड्डुचेरी विधानसभा का कार्यकाल मई 2021 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में राज्य में होने वाले आगामी चुनावों के चलते विधानसभा में आने वाली अस्थिरता कांग्रेस के लिए चिंताजनक हो सकती है। अगर विधानसभा में बहुमत परीक्षण होता है तो कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका लग सकता है।

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