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    Monday, January 17, 2022
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      आज रात से फास्टैग होगा अनिवार्य, जानिए इसके क्या होंगे फायदे

      (INR (PBNS). केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा पर टोल कलेक्शन को आसान और सुरक्षित बनाने के साथ-साथ टोल पर लगने वाले लंबे जाम से निजात पाने के लिए फास्टैग (FASTag) को अनिवार्य कर दिया है।

      आज यानी 15 फरवरी 2021 आधी रात से फास्टैग सभी के लिए अनिवार्य हो जाएगा। इसे लेकर सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है।

      दरअसल, फास्टैग एक रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन टैग (RFID) है। इस टैग को गाड़ी के विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है जो वाहन चालक के बैंक अकाउंट या फिर वॉलेट से जुड़ा रहता है।

      फास्टैग के द्वारा जब भी गाड़ी टोल प्लाजा क्रॉस करती है तो एक स्कैनर के जरिए ही फास्टैग एकाउंट से पैसों का भुगतान हो जाता है। प्लाजा पर आपको रुककर या कैश के रूप में टोल टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा।

      कैशलेस ट्रांजैक्शन में होगी बढ़ोतरी, नहीं करना पड़ेगा टोल प्लाजा पर इंतजार
      फास्टैग के शुरू हो जाने के बाद, सिस्टम से कैशलेस ट्रांजैक्शन में काफी बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही इससे टोल कलेक्शन में भी बढ़ोतरी आएगी।

      केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी ने दिसंबर में कहा था कि इससे मार्च तक टोल कलेक्शन 34,000 करोड़ रुपये पहुंच सकता है।

      टोल कलेक्शन के लिए जीपीएस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से टोल कमाई अगले 5 सालों में 1.34 लाख करोड़ पहुंच जाएगी।

      इसके साथ, टोल से गुजरते हुए अक्सर खुले पैसे न होने की वजह से दूसरे लोगों को इंतजार करना पड़ता है, जिससे आमतौर पर लड़ाई झगड़ा भी हो जाता है। अब आम लोगों को इस समस्या से भी दो-चार नहीं होना पड़ेगा।

      फास्टैग की मदद से टोल प्लाजा से काफी जल्दी गुजरा जा सकता है तो ऐसे में इंतजार की समस्या भी दूर हो जाएगी और पेट्रोल-डीजल की भी बचत होगी। फास्टैग वॉलेट में पड़ी रकम का प्रयोग 5 वर्षों तक किया जा सकेगा।

      सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी
      नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) 2019 की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में 4,37,000 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें मरने वालों की संख्या 1,54,732 है। इनमें से 30 प्रतिशत एक्सीडेंट्स वो हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुए हैं।

      कोहरे या तेज रफ्तार के कारण भी सड़क दुर्घटनाएं आम हैं। इस ऐप के माध्यम से वाहन चालकों का डाटा सेव हो जाएगा। जिससे उनकी हर एक्टीविटी की जानकारी मिल सकेगी।

      वाहन चालक का मोबाइल नंबर, गाड़ी का नंबर कंट्रोल रूम में ऐप के जरिए मौजूद रहेगा और इसी तरह फास्टैग सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी लाएगा।

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