फास्ट इम्यूनिटी बूस्टर है गिलोय काम, जानें कब-कैसे करें सेवन

बरसात के मौसम में होने वाली वायरल बीमारियों मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया में गिलोय का सेवन किया जाता है। मच्छर से होने वाली बीमारियों में यह काफी फायदेमंद है। लेकिन इसका इस्तेमाल कैसे किया जाए, कब खाना चाहिए और खाने का सबसे सही तरीका क्या है। इन तमाम बातों को जानना जरुरी है

INR.   गिलोय बुखार के लिए रामबाण है। यह इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में भी काम करता है। इसलिए इसके आयुर्वेदिक गुण के लिए इसे जीवन्तिका भी कहा जाता है। आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के लिए किया जाता है।

गिलोय का इस्तेमाल अक्सर बुखार में किया जाता है। बुखार के अलावा इसका उपयोग कई औषधीय गुण के लिए भी किया जाता हैं।

डेंगू में गिलोय का सेवन प्लेटलेट्स कम होने पर किया जाता है, जिससे प्लेटलेट्स बढ़ाने में काफी फायदेमंद होते हैं।

इसके अलावा गठिया रोग के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। यह डायबिटीज मरीज को ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है।

बुखार में गिलोय का सेवन पाउडर, काढ़ा या रस के रूप में किया जाता है। इसके पत्ते और तने को सुखाकर पाउडर बनाया जाता है। वहीं बाजार में गिलोय की गोली भी मिलती हैं। गिलोय का एक दिन में 1 ग्राम से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

किसी भी चीज का सेवन करने से पहले उसके होने वाले असर और तासीर को जानना बेहद आवश्यक होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि गिलोय का इस्तेमाल हर मौसम के लिए अच्छा नहीं होता है।

आयुर्वेद में गिलोय की तासीर को बहुत ही गर्म बताया गया है। इसीलिए सर्दी-जुकाम और बुखार में यह लाभकारी होता है।

किसी भी बीमारी का दवा खाने से पहले उसके फायदे और नुकसान को जानना बहुत ही जरूरी होता है। इसके अलावा किस उम्र में और कितनी मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए यह भी मालूम होना चाहिए।

इस बारे में आयुर्वेद विशेषज्ञ का मानना है कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए।

गिलोय का सबसे अधिक सेवन बुखार में किया जाता है। हमेशा जवां बने रहने के लिए भी गिलोय का सेवन किया जाता है। गिलोय का इस्तेमाल पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।

डायबिटीज के रोगी को ब्लड शुगर कम करने के लिए गिलोय खाना फायदेमंद होता है।

इसका इस्तेमाल डेंगू में ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए किया जाता है। वजन कम करने में गिलोय का जूस काफी लाभकारी होता है।

गिलोय का इस्तेमाल बुखार में एक आयुर्वेदिक दवा के रूप में लाभ पहुंचाता है। इसका इस्तेमाल डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत सारे फायदे हैं। डायबिटीज में गिलोय का सेवन करने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है और पाचन तंत्र बेहतर बनाता है।

यह इम्यूनिटी बढ़ाने में भी काफी मददगार होता है।  मोटापा कम करने के लिए गिलोय के अनेक फायदे हैं क्योंकि इससे शरीर के मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है।

आमतौर पर कहा जाए तो गिलोय का नुकासन न के बराबर है। वहीं कुछ मामलों में इसके सेवन करने से काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है। ब्लड शुगर कम होने पर गिलोय के नुकसान हो सकते हैं।

यदि आपका पाचन ठीक नहीं रहता तो इसके नुकसान हो सकते हैं। गिलोय का इस्तेमाल गर्भावस्था के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं।

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