» बच सकती थी एम्स में आग से हुई तबाही, अगर…   » तीन तलाक और अनुच्छेद 370 के बाद एक चुनाव कराने की तैयारी   » बोले रक्षा मंत्री-  अब सिर्फ POK पर होगी बात   » अफसरों से बोले नितिन गडकरी- ‘काम करो नहीं तो लोगों से कहूंगा धुलाई करो’   » तीन तलाक को राष्ट्रपति की मंजूरी, 19 सितंबर से लागू, यह बना कानून!   » तीन तलाक कानून पर कुमार विश्वास का बड़ा रोचक ट्विट….   » मुंशी प्रेमचंद: हिंदी साहित्य के युग प्रवर्तक   » बिहार के विश्व प्रसिद्ध व्यवसायी सम्प्रदा सिंह का निधन   » पत्नी की कंप्लेन पर सस्पेंड से बौखलाया था हत्यारा पुलिस इंस्पेक्टर   » कर्नाटक में सरकार गिरना लोकतंत्र के इतिहास में काला अध्याय : मायावती  

अन्ना के अनशन से छंट रही है धूंध

Share Button
नीरज कुमार मिश्र (दिल्ली के रामलीला मैदान से)
दिल्ली का आँखों देखा हाल लिखना बहुत मुश्किल लग रहा है मैं आज दिन भर रामलीला मैदान में ख़ाक छनता रहा और लोगों से बात करता रहा | अधिकांश तो यह भी नहीं बता पा रहे हैं की वो यहाँ क्यों आये हैं | मिडिया में जो कुछ दिखाया जा रहा है सत्य से उसका कोई वास्ता नहीं है | सब कुछ प्रायोजित सा लग रहा है | कैमरे भी खाश जगह पे लगाये हैं | भीड़ तंत्र होता जा रहा है हमारा लोकतंत्र | 
साफ़ लग रहा है की यह कोई बड़ी साजिश है टू- जी,, सी डब्लू जी,, आदर्श,, आदि घोटाले को छुपाने की | अभी शीला जेल जाने की स्तिथि में आ गयी थी, लोग यह भी भूल गए | जन लोकपाल बिल भी फूल प्रूफ है इसकी कोई गारंटी नहीं है | रोमन मग्सेसे प्राईज़ को भारत में अधिकांश लोग नहीं जानते हैं और जो जानते हैं उन्हें पता है कि यह पुरस्कार केवल लोब्बिंग एवं सेटिंग से मिलती है | अन्ना कहते हैं की यही लोग सदस्य होंगे,यानि भारत के तक़दीर का फैसला वो विदेशी करेंगे जो केजरीवाल के एनं जी ओ “परिवर्तन” और मनीष शिशोदिया के एनं जी ओ “कबीर फौंडेशन” की फंडिंग करते हैं।
कुल मिलाकर,जनलोकपाल के नाम पर मदारी डमरू बजा रहा है और बंदर नाच रहे हैं यह मिडिया, कांग्रेश और अन्ना की त्रिकोणीय मिलीभगत जान पड़ती है | जनता महंगाई से त्रस्त है और मति भ्रम की स्तिथि में है | जय प्रकाश नारायण की गंभीरता दूर दूर तक कही नज़र नहीं आ रही है | सब कुछ प्रायोजित सा लग रहा है
एक दूसरा नज़ारा पेश कर रहा हूँ | झंडे सौ रूपये, टी-शर्ट जिस पर लिखा है – मैं अन्ना हूँ – डेढ़ सौ रूपये , टोपी पचास रूपये में बिक रहा है| स्थानीय व्यापारी वर्ग भी गजब का मौका परस्त है | आज ही आन्दोलन शुरू हुआ और आज ही इन चीज़ों का अम्बार लग गया यहाँ| धड़ल्ले से बिक्री हो रही है|
…………(अगला अपडेट थोड़ी देर में).
Share Button

Related News:

निकम्मी झारखंड सरकार और शिबू सोरेन का निरालापन
मीडिया की ABCD का ज्ञान नहीं और चले हैं पत्रकार संगठन चलाने
बोले मुख्य चुनाव आयुक्त- 5 राज्यों में नवंबर-दिसंबर में होंगे विधानसभा चुनाव
अर्जुन मुंडा जी, ई आपका मुख्य सचिव भू-माफ़ियाओं के साथ बड़ा "गेम" कर रहा है
देखिए दर्दनाक हादसा का शर्मनाक वीडियो! यही है डिजीटल इंडिया?
सोनिया जी ये इटली नही,विश्व का सबसे बडा लोकतांत्रिक देश भारत है: अपनी महाराष्ट्र सरकार पर लगाम लगाईय...
मंत्री पद से हटाये जा सकते है सुबोधकांत सहाय
स्व. राजीव गांधी फेसबुक पर !!
अन्ना को धन्यवाद,लेकिन उनका आंदोलन लोकतंत्र के लिए खतरनाकः राहुल गांधी
पत्थर माफियाओं के तांडव के बीच “तेलकटवा” गिरोह का आतंक
राहुल ने पुछा- ‘मोदी जी, जय शाह जादा खा गया, आप चौकीदार या भागीदार?’
यूं फुटपाथ पर जूता सिल जिंदा है आगरा का राष्ट्रपति जीवन रक्षा पदक विजेता
सबाल "फिल्टर सिस्टम" का
कहीं फिल्म पीपली लाइव का नत्था बन कर रह न जाएं अन्ना हजारे
विकिलीक्स का खुलासाः स्वीस बैंक में सबसे अधिक काला धन नीरा राडिया,राजीव गांधी,नरेश गोयल,हर्षद मेहता...
गौर से पढिये राँची के दैनिक हिंदुस्तान / प्रभात खबर के खबरों को
नालन्दा:शैक्षणिक चेतना का प्रमुख पर्यटन स्थल
किसने बनाया ये सुअरखाना ?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बुरे फंसे बिहार के शिक्षामंत्री
सत्तासीन कांग्रेस: नर है या नारी ?
ताबडतोड फैसले ले रहे है झारखण्ड के राज्यपाल
जी हां,ये हैं भारतीय मीडिया के खेवनहार या खिचड़ी परिवार
बिहार में क़ानून व्यवस्था की ताजा स्थति से संतुष्ट हैं नीतीश कुमार

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...
» तीन तलाक और अनुच्छेद 370 के बाद एक चुनाव कराने की तैयारी   » मुंशी प्रेमचंद: हिंदी साहित्य के युग प्रवर्तक   » पुण्यतिथिः जब 1977 में येदुरप्पा संग चंडी पहुंचे थे जगजीवन बाबू   » कैदी तबरेज तो ठीक, लेकिन वहीं हुए पुलिस संहार को लेकर कहां है ओवैसी, आयोग, संसद और सरकार?   » डॉक्टरी भी चढ़ गयी ग्लोबलाइजेशन की भेंट !   » विकास नहीं, मानसिक और आर्थिक गुलामी का दौर है ये !   » एक ऐतिहासिक फैसलाः जिसने तैयार की ‘आपातकाल’ की पृष्ठभूमि   » एक सटीक विश्लेषणः नीतीश कुमार का अगला दांव क्या है ?   » ट्रोल्स 2 TMC MP बोलीं- अपराधियों के सफेद कुर्तों के दाग देखो !   » जब गुलजार ने नालंदा की ‘सांसद सुंदरी’ तारकेश्वरी पर बनाई फिल्म ‘आंधी’  
error: Content is protected ! india news reporter