» मीडिया की ABCD का ज्ञान नहीं और चले हैं पत्रकार संगठन चलाने   » ‘सीएम नीतीश का माफिया कनेक्शन किया उजागर, अब पूर्व IPS को जान का खतरा’   » नीतिश के बिहार एनडीए के चेहरे होने पर भाजपा में ‘रार’   » आधार कार्ड का सॉफ्टवेयर हुआ हैक, कोई भी बदल सकता है आपका डिटेल   » न्यू एंंटी करप्शन लॉ के तहत अब सेक्स डिमांड होगी रिश्वत   » इस तरह तैयार की जाती है बढ़ते मांग के बीच सेक्स डॉल्स   » 3 स्टेट पुलिस के यूं संघर्ष से फिरौती के 40 लाख संग धराये 5 अपहर्ता, अपहृत भी मुक्त   » राहुल की छड़ी ढूंढने के चक्कर में फिर फंसे गिरि’सोच’राज, यूं हुए ट्रोल   » राहुल गांधी का सचित्र ट्वीट- ‘मानसरोवर के पानी में नहीं है नफरत’   » पटना साहिब सीटः एक अनार सौ बीमार, लेकिन…  

केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय बाल-बाल बचे : उनकी पिकनिक मे समर्थक ने शरीर मे आग लगाई

Share Button
लगता है कि धन-बल की राजनीति माहिर कांग्रेस के केन्द्रीय मंत्री व झारखंड प्रदेश से ईकलौते रांची सांसद सुबोधकांत सहाय के लिये नव वर्ष कुछ अच्छा संकेत समेटे नही दिख रहा है.लाख एडी-चोटी एक करने क बाबजूद जहाँ उनका मुख्यमंत्री बनने का सपना चखनाचूर हो गया,प्रदेश कांग्रेस के एक बडे तबके मे मुखर विरोध शुरू हो गया.वही कहते है कि मंत्री जी ने नव वर्ष मे अपने करीवी लोगों की भोजपार्टी रखी थी.उस पार्टी मे दिवाकर सिन्ह नामक उनका एक कट्टर समर्थक भी था.जिसे चुनावपूर्व मंत्री जी ने चुनाव वाद एक पियगो वाहन खरीद कर देने का वादा किया था.और चुनाव वाद भी अपने वादे पर कायम थे और नव वर्ष की भोजपार्टी मे उक्त वाहन देने का वादा किया था.लेकिन भोजपार्टी के दिन वे अपने वायदे से साफ मुकर गये.इससे उनका समर्थक इतना दुखी हुआ कि अपने शरेर पर सरेआम किरासन तेल छिडक कर आग लगा ली और मंत्री जी से लिपटने की कोशिश करने लगा. शुक्र था कि महज एक गज की दूरी पर उसे मंत्री जी के अंगरक्षको ने उसे रोक लिया.वेशक यह घटना नेताओ के लालच मे आने वाले अन्धसमर्थको के लिये एक बडा सबक है.

Related Post

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

» पटना साहिब सीटः एक अनार सौ बीमार, लेकिन…   » राम भरोसे चल रहा है झारखंड का बदहाल रिनपास   » नोटबंदी फेल, मोदी का हर दावा निकला झूठ का पुलिंदा   » फालुन गोंग का चीन में हो रहा यूं अमानवीय दमन   » सड़ गई है हमारी जाति व्यवस्था   » भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना आपातकाल   » भारत दर्शन का केंद्र है राजगीर मलमास मेला   » ‘संपूर्ण क्रांति’ के 44 सालः ख्वाहिशें अधूरी, फिर पैदा होंगे जेपी?   » चार साल में मोदी चले सिर्फ ढाई कोस   » सवाल न्यायपालिका की स्वायत्तता का  
error: Content is protected ! india news reporter