» रोंगटे खड़े कर देने वाली इस अंधविश्वासी परंपरा का इन्हें रहता है साल भर इंतजार   » ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल   » अभिनेता अनुपम खेर सहित 14 पर थाने में एफआईआर के आदेश   » बोले BJP अध्यक्ष- ममता बनर्जी में PM बनने की संभावनाएं   » कांग्रेस ने फोड़ा ‘ऑडियो बम’, पर्रिकर के बेडरूम में हैं राफेल की फाइलें   » पूर्व जदयू विधायक ने दी शराब पार्टी, गोलियां चलाई, महिला को लगी गोली   » जानिए कौन थे लाफिंग बुद्धा, कैसे पड़ा यह नाम   » अब राजनीति में कूदेगें सिंघम का ‘देवकांत सिकरे’!   » नहीं रहे हर दिल अजीज कादर खान   » अभिनेता कादर खान के निधन की खबर अफवाह  

!!! कानून की कौन सी किताब पढ़ी है दिल्ली हाई कोर्ट के इस जज ने !!!

Share Button
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि रिश्ते में भाई-बहन लगने वाले हिंदू युवक-युवती ईसाई धर्म अपनाकर आपस में शादी कर सकते हैं।
अदालत ने यह फैसला देते हुए एक रिटायर्ड जज की याचिका खारिज कर दी। रिटायर्ड जज ने अपने मैजिस्ट्रेट बेटे के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसने धर्म बदलने के बाद अपने मामा की बेटी से शादी कर ली थी।
जस्टिस सुरेश कैत ने शादी की वैधता को कायम रखते हुए कहा, ‘प्रतिवादियों (दंपती) का धर्म परिवर्तन भारतीय ईसाई विवाह अधिनियम की धारा तीन के तहत उचित है। इसलिए इनकी शादी ऐसे संबंध के तहत नहीं आती, जो हिंदू विवाह अधिनियम के तहत प्रतिबंधित है।’
अपने बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कराने पर पिता को फटकार लगाते हुए अदालत ने कहा, ‘इस तरह की सोच नई पीढ़ी की व्यापक सोच को खत्म करती है और कई बार इसका नतीजा झूठी शान के लिए की जाने वाली हत्याओं के रूप में दिखता है।’
अदालत ने याचिकाकर्ता ओ पी गोगने पर ‘विचार न करने योग्य मामला’ दर्ज करने पर 10,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया। (नभाटा)

Related Post

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
» रोंगटे खड़े कर देने वाली इस अंधविश्वासी परंपरा का इन्हें रहता है साल भर इंतजार   » जानिए कौन थे लाफिंग बुद्धा, कैसे पड़ा यह नाम   » जयंती विशेष: के बी सहाय -एक अपराजेय योद्धा   » ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ का सरदार कितना असरदार !   » भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए आत्म मंथन का जनादेश   » जयरामपेशों का अड्डा बना आयडा पार्क   » …और खून से लथपथ इंदिरा जी का सिर अपनी गोद में रख सोनिया चल पड़ी अस्पताल   » ‘लालू के खिलाफ आपस में मिले थे सुशील मोदी, नीतीश कुमार, राकेश अस्थाना और पीएमओ’   » धर्मांतरण, घर वापसी और धर्मयुद्ध   » जयंती  विशेषः एक सच्चा पत्रकार, जो दंगा रोकते-रोकते हुए शहीद  
error: Content is protected ! india news reporter