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केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय की पिकनिक मे आत्मदाह की घटना अन्धसमर्थको हेतु एक बडा सबक

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लगता है कि धन-बल की राजनीति माहिर कांग्रेस के केन्द्रीय मंत्री व झारखंड प्रदेश से ईकलौते रांची सांसद सुबोधकांत सहाय के लिये नव वर्ष कुछ अच्छा संकेत समेटे नही दिख रहा है.लाख एडी-चोटी एक करने क बाबजूद जहाँ उनका मुख्यमंत्री बनने का सपना चखनाचूर हो गया,प्रदेश कांग्रेस के एक बडे तबके मे मुखर विरोध शुरू हो गया.वही कहते है कि मंत्री जी ने नव वर्ष मे अपने करीवी लोगों की भोजपार्टी रखी थी.उस पार्टी मे दिवाकर सिन्ह नामक उनका एक कट्टर समर्थक भी था.जिसे चुनावपूर्व मंत्री जी ने चुनाव वाद एक पियगो वाहन खरीद कर देने का वादा किया था.और चुनाव वाद भी अपने वादे पर कायम थे और नव वर्ष की भोजपार्टी मे उक्त वाहन देने का वादा किया था.लेकिन भोजपार्टी के दिन वे अपने वायदे से साफ मुकर गये.इससे उनका समर्थक इतना दुखी हुआ कि अपने शरेर पर सरेआम किरासन तेल छिडक कर आग लगा ली और मंत्री जी से लिपटने की कोशिश करने लगा. शुक्र था कि महज एक गज की दूरी पर उसे मंत्री जी के अंगरक्षको ने उसे रोक लिया.वेशक यह घटना नेताओ के लालच मे आने वाले अन्धसमर्थको के लिये एक बडा सबक है.

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