» तीन तलाक को राष्ट्रपति की मंजूरी, 19 सितंबर से लागू, यह बना कानून!   » तीन तलाक कानून पर कुमार विश्वास का बड़ा रोचक ट्विट….   » मुंशी प्रेमचंद: हिंदी साहित्य के युग प्रवर्तक   » बिहार के विश्व प्रसिद्ध व्यवसायी सम्प्रदा सिंह का निधन   » पत्नी की कंप्लेन पर सस्पेंड से बौखलाया था हत्यारा पुलिस इंस्पेक्टर   » कर्नाटक में सरकार गिरना लोकतंत्र के इतिहास में काला अध्याय : मायावती   » समस्तीपुर से लोजपा सांसद रामचंद्र पासवान का निधन   » दिल्ली की 15 साल तक चहेती सीएम रही शीला दीक्षित का निधन   » अपनी दादी इंदिरा गांधी के रास्ते पर चल पड़ी प्रियंका?   » हाई कोर्ट ने खुद पर लगाया एक लाख का जुर्माना!  

झारखंड:शिबू सोरेन अब भी ताकतवर नेता

Share Button
“बहुत दम बाकी है इस बुढे शेर मे!!”

कोई गुरू कहता है तो कोई गुरूघंटाल.आदिवासियो का एक तबका उन्हे दिशोम गुरू मानता है तो एक तबका झारखण्ड का सौदेबाज.आखिर उग्रवाद और भ्रष्टाचार का प्रर्याय बने इस बदहाल नवप्रांत के सबसे बडे कद्दावर नेता की क्या है सही तस्वीर.

जी चौंकिये मत! बात है झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सुप्रीमो शिबू सोरेन की. एक सुदूर देहाती जंगली गांव से तीर-धनुष के बल भीषण संघर्ष करते हुये भारतीय संसद मे मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने वाले इस शख्सियत को आज की तारीख मे भी कोई नजरन्दाज नही कर सकता.यदि इनमे धैर्य होता और पेण्डुलम की तरह कभी कांग्रेस-कभी भाजपा की ओर नही डोलते तो आज ये किसी अन्य राजनीतिक दल के मोहताज नही होते.

वेशक गुरूजी के नाम से चर्चित शिबू सोरेन आसन्न विधानसभा चुनाव मे एनडीए या यूपीए से इतर एकला चलो की रणनीति अपनाकर वे खुद ये टटोलना चाहते है कि अब तक उन्होने कितना खोया है और प्रदेश मे उनकी क्या औकात बची है.क्योकि वे मुख्यमंत्री पद पर रहते हुये तमाड विधानसभा उपचुनाव मे एक निर्दलीय प्रत्याशी से करारी हार से उबरे भी न थे कि अचानक उन्हे अपने राजनीतिक उतराधिकारी पुत्र नलिन सोरेन की रहस्यमय मौत का सदमा झेलना पडा. इस हालिया दुर्दिन भरे दिन मे श्री सोरेन को पंगु “बूढा खिलाडी” मानते हुये उन्हे अपने हाल पर छोड दिया.

अब सबाल उठता है कि आसन्न विधान सभा के इस आम चुनाव मे सभी सीटो पर किस्मत आजमा रहे “गुरूजी”की पार्टी झामुमो का प्रदर्शन कैसा रहेगा तो एक बात बिल्कुल साफ है कि वे चुनाव परिणाम बाद भले ही अकेले दम पर सरकार बनाने की कूबत मे न हो लेकिन, सौ फीसदी संभावना है कि उसके समर्थन या फिर नेत्रीत्व के वगैर सरकार सरंचना संभव नही है.राजनीतिक विश्लेषक मानते है कि इस बार झामुमो को 18-25 सीटे मिल सकती है.

Share Button

Related News:

अंग्रेजों के भी बाप निकले हमारे आजाद देश के नेता
भाडे की ईंट,भाडे का रोडा :“गुरुजी” ने जोडा कुनबा
सोनिया जी ये इटली नही,विश्व का सबसे बडा लोकतांत्रिक देश भारत है: अपनी महाराष्ट्र सरकार पर लगाम लगाईय...
एक सटीक विश्लेषणः नीतीश कुमार का अगला दांव क्या है ?
उग्रवाद:शिबू सोरेन की गलतफहमी न.2
राम ही खुद तय करेगें अयोध्या में मंदिर निर्माण की तारीखः योगी आदित्यनाथ
जंतर मंतर पर अब कैसे करेंगे अनशन अन्ना
अब कहां जाएंगें ये दृष्टिहीन बच्चें
निकम्मी झारखंड सरकार और शिबू सोरेन का निरालापन
अन्ना हजारे के अनशन पर लगाईं गई शर्तें मौलिक अधिकारों का हननः गडकरी
शिबू सोरेन:झारखंड का सबसे कद्दावर नेता
विदेश सचिव का बयान- सिर्फ आतंकी थे टारगेट, 300 मारे गए   
नहीं रहे जलेबी खाते-खाते पवन जैन से यूं बने मुनि तरुण सागर महाराज
मंत्री पद से हटाये जा सकते है सुबोधकांत सहाय
भारतीय मीडिया में ब्राह्मणों और बनियों का राज: अरुंधति रॉय
नीतिश के बिहार एनडीए के चेहरे होने पर भाजपा में 'रार'
उपमुख्यमंत्री सुदेश की अनुभवहीनता कही ले न डूबे मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की लुटिया
झारखंडी मीडिया ने तो शहीदों की परिभाषा ही बदल दी
कांग्रेस की मैडम सोनिया और युवराज राहुल जी: ई आपकी पार्टी की सरकार की राजनीति है या गुंडागर्दी?
अन्ना की गिरफ्तारी के विरोध में सड़कों पर जन सैलाब उमड़ा
कही झारखंड को और न ले डूबे पंचायत चुनाव-उग्रवाद पर गुरूजी का ये नज़रिया
कांग्रेस पर मोदी के तीखे वार और पांच राज्यों में बीजेपी के हार के मायने ?
हाय री राजनीति! हाय री मीडिया!!
टीम अन्ना की ईमानदारी का गज़ब खुलासा !

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...
» मुंशी प्रेमचंद: हिंदी साहित्य के युग प्रवर्तक   » पुण्यतिथिः जब 1977 में येदुरप्पा संग चंडी पहुंचे थे जगजीवन बाबू   » कैदी तबरेज तो ठीक, लेकिन वहीं हुए पुलिस संहार को लेकर कहां है ओवैसी, आयोग, संसद और सरकार?   » डॉक्टरी भी चढ़ गयी ग्लोबलाइजेशन की भेंट !   » विकास नहीं, मानसिक और आर्थिक गुलामी का दौर है ये !   » एक ऐतिहासिक फैसलाः जिसने तैयार की ‘आपातकाल’ की पृष्ठभूमि   » एक सटीक विश्लेषणः नीतीश कुमार का अगला दांव क्या है ?   » ट्रोल्स 2 TMC MP बोलीं- अपराधियों के सफेद कुर्तों के दाग देखो !   » जब गुलजार ने नालंदा की ‘सांसद सुंदरी’ तारकेश्वरी पर बनाई फिल्म ‘आंधी’   » आभावों के बीच राष्ट्रीय खेल में यूं परचम लहरा रही एक सुदूर गांव की बेटियां  
error: Content is protected ! india news reporter