» महागठबंधन की तस्वीर साफ, लेकिन कन्हैया पर नहीं बनी बात   » बोले काटजू- “सत्ता से बाहर होगी भाजपा, यूपी-बिहार में रहेगी नील”   » नहीं रहे पूर्व रक्षा मंत्री एवं गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर, समूचे देश में शोक की लहर   » ‘इ जनता बा मोदी जी! दौड़ा-दौड़ा के सवाल पूछी’   » बज गई आयोग की डुगडुगी, जानिए 7 चरणों में कहां, कब और कैसे होगा चुनाव   » प्रशांत किशोर की ब्रांडिंग में उलझे नीतीश, जदयू में आई भूचाल   » वीडिय़ोः MP  ने मंत्री-पुलिस के सामने MLA को जूतों से यूं जमकर पीटा   » भाजपा की वेबसाइट हैक, दिखे यूं अश्लील मैसेज   » पुलिस गिरफ्त में पुलवामा आतंकी हमले के वांछित नौशाद उर्फ दानिश की पत्नी एवं बेटी   » रांची में गरजे राहुल गांधी- देश का चौकीदार चोर है  

झारखंड मे पेसा कानून के तहत पंचायत चुनाव कराने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ फूंका बिगुल,उधर आदिवासी भी गोलबन्द

Share Button
जहाँ एक ओर झारखंड मे पदासीन शिबू सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार पेसा कानून के तहत पंचायत चुनाव कराने को कटिबद्ध दिख रही है वही, मात्र 27 %आदिवासी समुदाय की तुलना मे 73% सदानो यानि गैरआदिवासी की आबादी के प्रायः कद्दावर नेताओ ने किसी भी हालत मे पेसा कानून मे आवश्यक संशोधन किये वगैर पंचायत चुनाव नही होने देने की कडी चेतावनी दी है और निर्णायक आन्दोलन करने की दिशा मे गोलबन्द हो चले है.वेशक उग्रवाद का पर्याय बने झारखंड मे आदिवासी और गैरआदिवासी के बीच पेसा चुनाव के तहत पंचायत चुनाव एक ऐसी आपसी टकराव को जन्म देगी,जिसे पाटना आने वाले दिनों मे बहुत मुश्किल होगी.मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ग्रामीण परिवेश की आदिवासी राजनीति तो करते है,लेकिन उनका जनाधार गैरआदिवासी समुदाय खासकर महतो जाति मे कही अधिक झलकती है.

Related Post

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
» राहुल गाँधी और आतंकी डार की वायरल फोटो की क्या है सच्चाई ?   » घाटी का आतंकी फिदायीन जैश का ‘अफजल गुरू स्क्वॉड’   » प्रियंका की इंट्री से सपा-बसपा की यूं बढ़ी मुश्किलें   » जॉर्ज साहब चले गए, लेकिन उनके सवाल शेष हैं..   » रोंगटे खड़े कर देने वाली इस अंधविश्वासी परंपरा का इन्हें रहता है साल भर इंतजार   » जानिए कौन थे लाफिंग बुद्धा, कैसे पड़ा यह नाम   » जयंती विशेष: के बी सहाय -एक अपराजेय योद्धा   » ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ का सरदार कितना असरदार !   » भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए आत्म मंथन का जनादेश   » जयरामपेशों का अड्डा बना आयडा पार्क  
error: Content is protected ! india news reporter