» BJP राष्‍ट्रीय महासचिव के MLA बेटा की खुली गुंडागर्दी, अफसर को यूं पीटा और बड़ी वेशर्मी से बोला- ‘आवेदन, निवेदन और फिर दनादन’ हमारी एक्‍शन लाइन   » कैदी तबरेज तो ठीक, लेकिन वहीं हुए पुलिस संहार को लेकर कहां है ओवैसी, आयोग, संसद और सरकार?   » उस खौफनाक मंजर को नहीं भूल पा रहा कुकड़ू बाजार   » प्रसिद्ध कामख्या मंदिर में नरबलि, महिला की दी बलि !   » गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी पर उंगली उठाने वाले चर्चित पूर्व IPS को उम्रकैद   » इधर बिहार है बीमार, उधर चिराग पासवान उतार रहे गोवा में यूं खुमार, कांग्रेस नेत्री ने शेयर की तस्वीरें   » PM मोदी ने दी बधाई, लेकिन बिहार में बच्चों की मौत से आहत राहुल गांधी नहीं मनाएंगे अपना जन्मदिन   » बिहार के साहब के सामने लोग चिल्लाए- मुर्दाबाद, वापस जाओ!   » हल्दी घाटी युद्ध की 443वीं युद्धतिथि 18 जून को, शहीदों की स्मृति में दीप महोत्सव   » डॉक्टरी भी चढ़ गयी ग्लोबलाइजेशन की भेंट !  

कांग्रेस,भाजपा को छोडिये: देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दिल्ली में बैठकर प्याज छिलने के लिए है! बाल-राज की गुंडागर्दी उन्हें नहीं दिख रहा है क्या?

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कुछ दिन पहले मैंने अपने ब्लाग के साथ नवभारत टाईम्स में लिखा था कि बाल-राज़ ठाकरे जैसे देशद्रोही विचारधारा वाले गुंडों के सरगना के विरूद्ध विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री चुप क्यों? एक बार फिर बाल ठाकरे,उसका बेटा उद्धव ठाकरे व उसका भतीजा राज ठाकरे देश के गणमान्य लोगों पर हमला बोल रहा है , क्या उससे ये दोनों देश के सिरमौर आँखे बंदकर ऐस-मौज करने के लए हैं? कांग्रेस के खाद-पानी से पनपे राज ठाकरे ने तो अलग राष्ट्र की मांग तक कर दी है.इसे तो तुरंत कान पकड़कर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलानी चाहिये ताकि कल कोई इस तरह की जुर्रत न कर सके. मध्यप्रदेश के खंडवा में खानदानी पैदाईश रखने वाला ये कब से मराठी मानुष हो गया?
सबसे बड़ी बात कि “सामना” जैसे राष्ट्र की वुनियाद पर चोट कर सिर्फ भावना भड़का कर गंवार-जाहिलों की फौज खड़ी करने वाली अखबार को सरकार बंद क्यों नहीं कर रही.मेरी राय में इस गंदे अखबार को नक्सली पर्चे से भी नीचे के दर्जा में रखनी चाहिये. इसके लिए हमारी भारतीय मीडीया भी कम दोषी नहीं है,जिसने ए़क कूपमंडूक सनकी व्यक्ति के स्वार्थी पर्चे “सामना” में छपे गैरपत्रकारीय बातों को समूचे देश में ऐसे प्रसारित करते है जैसे वे महात्मा गांधी का हरिजन प्रकाशित हो रहा हो.
शिवसेना या मनसे को क्रमशः कांग्रेस और भाजपा ने बल दिया है और ठाकरे-गुंडा-गैंग को अपने स्वार्थवश आगे बढ़ा रहा है इन दोनों राष्ट्रीय दल को जनता की ज्वलंत समस्यायों से इतर अपनी साख बढाने में देश की अस्मिता से खिलवाड़ कर रही है. इसलिए इनदोनों को भी सबक सिखाने की जरूरत है. वेशक अब भाजपा को “भारत जलाओ पार्टी ”और कांग्रेस को “ काटो नंगा गला सबका ” का फुलफार्म मान लेना चाहिये….
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