» मीडिया की ABCD का ज्ञान नहीं और चले हैं पत्रकार संगठन चलाने   » ‘सीएम नीतीश का माफिया कनेक्शन किया उजागर, अब पूर्व IPS को जान का खतरा’   » नीतिश के बिहार एनडीए के चेहरे होने पर भाजपा में ‘रार’   » आधार कार्ड का सॉफ्टवेयर हुआ हैक, कोई भी बदल सकता है आपका डिटेल   » न्यू एंंटी करप्शन लॉ के तहत अब सेक्स डिमांड होगी रिश्वत   » इस तरह तैयार की जाती है बढ़ते मांग के बीच सेक्स डॉल्स   » 3 स्टेट पुलिस के यूं संघर्ष से फिरौती के 40 लाख संग धराये 5 अपहर्ता, अपहृत भी मुक्त   » राहुल की छड़ी ढूंढने के चक्कर में फिर फंसे गिरि’सोच’राज, यूं हुए ट्रोल   » राहुल गांधी का सचित्र ट्वीट- ‘मानसरोवर के पानी में नहीं है नफरत’   » पटना साहिब सीटः एक अनार सौ बीमार, लेकिन…  

प्रभात खबर को हाथ में लेकर पहले अपनी अंतरात्मा टटोलिये हरबंश जी.

Share Button
संलग्न खबर को ध्यान से देखिये-पढ़िए. यह क्या है-समाचार या विज्ञापन?
रांची से प्रकाशित दैनिक प्रभात खबर के आज के अंक में मुख पृष्ठ पर प्रकाशित इस स्वरुप को देखने व समझाने से विज्ञापन नजर आता है लेकिन,प्रधान संपादक हरबंश जी के नजर में यह एक प्रमुख खबर है.
इस सन्दर्भ में जब मैंने निवेदक झारखंड अल्टरनेटिव डेवलपमेंट फोरम के पी.वर्मा ने भी बताया कि यह विज्ञापन नहीं अपितु एक दिन पूर्व आयोजित प्रेस कांफ्रेस में जारी प्रेस विज्ञप्ति है.
खैर बाजारवाद के इस नए युग में पत्रकारिता का इतना घिनौना रूप कि मन पीड़ा से भर जाता है. ”अखबार नहीं आंदोलन” और “प्रदेश में न. वन अखबार” का भ्रम पाल रहे दैनिक प्रभात खबर के सर्वोसर्वा प्रधान संपादक हरवंश जी में बाहरी-भीतरी के दुर्गुण पहले से ही रहे हैं.दैनिक हिंदुस्तान,दैनिक जागरण के बाद उनमें ये काफी बढ़ गये और अब देश के एक बड़े अखबार दैनिक भास्कर के तम-झाम ने एक तरह से उन्हें मानसिक दिवालिएपन के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है.इन पर ये आरोप लगते रहे हैं कि वर्ग-क्षेत्रवाद की छत्रछाया में पत्रकारिता को “कोठे का धंधा” बना देना कोई इनसे सीखे.
ऐसे प्रदेश में झारखंड अल्टरनेटिव डेवलपमेंट फोरम के बारे में अच्छे-अच्छे लोगों को कुछ भी पता नहीं है. इंटरनेट पर सर्च करने के बाद पता चला कि इस फोरम का एक http://jharkhandalternative.blogspot.com/ नामक एक ब्लॉग है और फोरम के सदस्यों में वे लोग(तत्व) शामिल हैं,जो कहीं न कहीं कट्टरता की जमीन पर झारखण्ड की ताजा बदहाली के लिए जिम्मेवार हैं.

Related Post

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

» पटना साहिब सीटः एक अनार सौ बीमार, लेकिन…   » राम भरोसे चल रहा है झारखंड का बदहाल रिनपास   » नोटबंदी फेल, मोदी का हर दावा निकला झूठ का पुलिंदा   » फालुन गोंग का चीन में हो रहा यूं अमानवीय दमन   » सड़ गई है हमारी जाति व्यवस्था   » भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना आपातकाल   » भारत दर्शन का केंद्र है राजगीर मलमास मेला   » ‘संपूर्ण क्रांति’ के 44 सालः ख्वाहिशें अधूरी, फिर पैदा होंगे जेपी?   » चार साल में मोदी चले सिर्फ ढाई कोस   » सवाल न्यायपालिका की स्वायत्तता का  
error: Content is protected ! india news reporter