» ममता की रैली में शामिल हुए भाजपा के ‘शत्रु’, पार्टी ने दिए कार्रवाई के संकेत   » हावड़ा से चलकर वाया जमशेदपुर, विलासपुर के रास्ते मुंबई की ओर जानेवाले यात्रीगण कृपया ध्यान दें   » रोंगटे खड़े कर देने वाली इस अंधविश्वासी परंपरा का इन्हें रहता है साल भर इंतजार   » ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल   » अभिनेता अनुपम खेर सहित 14 पर थाने में एफआईआर के आदेश   » बोले BJP अध्यक्ष- ममता बनर्जी में PM बनने की संभावनाएं   » कांग्रेस ने फोड़ा ‘ऑडियो बम’, पर्रिकर के बेडरूम में हैं राफेल की फाइलें   » पूर्व जदयू विधायक ने दी शराब पार्टी, गोलियां चलाई, महिला को लगी गोली   » जानिए कौन थे लाफिंग बुद्धा, कैसे पड़ा यह नाम   » अब राजनीति में कूदेगें सिंघम का ‘देवकांत सिकरे’!  

दैनिक प्रभात खबर की यह कैसी पत्रकारिता

Share Button
संलग्न खबर को ध्यान से देखिये-पढ़िए. यह क्या है-समाचार या विज्ञापन?
रांची से प्रकाशित दैनिक प्रभात खबर के आज के अंक में मुख पृष्ठ पर प्रकाशित इस स्वरुप को देखने व समझाने से विज्ञापन नजर आता है लेकिन,प्रधान संपादक हरबंश जी के नजर में यह एक प्रमुख खबर है.
इस सन्दर्भ में जब मैंने निवेदक झारखंड अल्टरनेटिव डेवलपमेंट फोरम के पी.वर्मा ने भी बताया कि यह विज्ञापन नहीं अपितु एक दिन पूर्व आयोजित प्रेस कांफ्रेस में जारी प्रेस विज्ञप्ति है.
ऐसे प्रदेश में झारखंड अल्टरनेटिव डेवलपमेंट फोरम के बारे में अच्छे-अच्छे लोगों को कुछ भी पता नहीं है. इंटरनेट पर सर्च करने के बाद पता चला कि इस फोरम का एक http://jharkhandalternative।blogspot.com/ नामक एक ब्लॉग है और फोरम के सदस्यों में वे लोग(तत्व) शामिल हैं,जो कहीं न कहीं कट्टरता की जमीन पर झारखण्ड की ताजा बदहाली के लिए जिम्मेवार हैं.
खैर बाजारवाद के इस नए युग में पत्रकारिता का इतना घिनौना रूप कि मन पीड़ा से भर जाता है. ”अखबार नहीं आंदोलन” और “प्रदेश में न. वन अखबार” का भ्रम पाल रहे दैनिक प्रभात खबर के सर्वोसर्वा प्रधान संपादक हरवंश जी में बाहरी-भीतरी के दुर्गुण पहले से ही रहे हैं.दैनिक हिंदुस्तान,दैनिक जागरण के बाद उनमें ये काफी बढ़ गये और अब देश के एक बड़े अखबार दैनिक भास्कर के ताम-झाम ने एक तरह से उन्हें मानसिक दिवालिएपन के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है.इन पर ये आरोप लगते रहे हैं कि वर्ग-क्षेत्रवाद की छत्रछाया में पत्रकारिता को “कोठे का धंधा” बना देना कोई इनसे सीखे. फ़िलहाल हम तो सिर्फ इतना ही कहेगें कि प्रभात खबर को हाथ में लेकर पहले अपनी अंतरात्मा टटोलिये हरबंश जी.

Related Post

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
» रोंगटे खड़े कर देने वाली इस अंधविश्वासी परंपरा का इन्हें रहता है साल भर इंतजार   » जानिए कौन थे लाफिंग बुद्धा, कैसे पड़ा यह नाम   » जयंती विशेष: के बी सहाय -एक अपराजेय योद्धा   » ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ का सरदार कितना असरदार !   » भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए आत्म मंथन का जनादेश   » जयरामपेशों का अड्डा बना आयडा पार्क   » …और खून से लथपथ इंदिरा जी का सिर अपनी गोद में रख सोनिया चल पड़ी अस्पताल   » ‘लालू के खिलाफ आपस में मिले थे सुशील मोदी, नीतीश कुमार, राकेश अस्थाना और पीएमओ’   » धर्मांतरण, घर वापसी और धर्मयुद्ध   » जयंती  विशेषः एक सच्चा पत्रकार, जो दंगा रोकते-रोकते हुए शहीद  
error: Content is protected ! india news reporter