» बच सकती थी एम्स में आग से हुई तबाही, अगर…   » तीन तलाक और अनुच्छेद 370 के बाद एक चुनाव कराने की तैयारी   » बोले रक्षा मंत्री-  अब सिर्फ POK पर होगी बात   » अफसरों से बोले नितिन गडकरी- ‘काम करो नहीं तो लोगों से कहूंगा धुलाई करो’   » तीन तलाक को राष्ट्रपति की मंजूरी, 19 सितंबर से लागू, यह बना कानून!   » तीन तलाक कानून पर कुमार विश्वास का बड़ा रोचक ट्विट….   » मुंशी प्रेमचंद: हिंदी साहित्य के युग प्रवर्तक   » बिहार के विश्व प्रसिद्ध व्यवसायी सम्प्रदा सिंह का निधन   » पत्नी की कंप्लेन पर सस्पेंड से बौखलाया था हत्यारा पुलिस इंस्पेक्टर   » कर्नाटक में सरकार गिरना लोकतंत्र के इतिहास में काला अध्याय : मायावती  

“झारखंड में दिखेगी विनाश की रेखा” !!

Share Button
-मुकेश कुमार
आजादी साठ साल बाद भी झारखंड की में विकास नसीब नहीं है । औधोगिक विकास के नाम पर यहाँ विनाश -लीला कहीं अधिक रची गई है। सुच पूछिये तो प्रचुर वन खनिज संपदा से सजी भगवान् बिरसा की इस पावन भूमि पर आज उग्रवाद, भ्रस्टाचार,भूखमरी,गरीवी,बेकारी आदि के जो कांटे बिखरे हैं, वे दरअसल इन्ही विनाश लीला की देन है।
इक तरह से केन्द्र व् राज्य की सरकारें यहाँ के लोगों को खानाबदोश समझ ली है। इन दिनों भारत सरक मार्ग निर्माण प्राधिकरण ने रास्ट्रीय उच्च मार्ग -३३ के चौरीकरण का कार्य किया है । इसके लिए उसे निर्माण हेतू वर्तमान मार्ग से करीव दूगनी १०० फीट भूमि की आवश्यकता है। कहते हैं की लूट -खासोंत में आकंठ दूबे सम्बंधित विभागों ने १९३२ के सर्वे के आधार पर ही सीधी लाइन खींच उक्त रोड का नक्शा बना लिया है। यदि इस नक्शे के आधार पर रोड बनाई गई तो रांची (विकास) से प्रस्तावित बरही (हजारीबाग) तक का जन जीवन अस्त-व्यस्त हो जायेगी। लाखों लोग बेघर हो जायेंगे। लाखों की रोटी-रोजी छीन जायेगी। धनबाद झरिया कोयलांचल से लगे यह इलाका लगभग खंडहर नजर आयेगी. क्योंकि आज के ताजा स्थिति का अबलोकन किए बगैर बनाए गए इस ‘टेबुल मैप’ के अनुसार रोड के दोनों किनारे कही १०० फीट तो कही २००-३००-४०० फीट भूमि ऊल-जलूल तर्क देकर जबरन अधिग्रहण की जा रही है। इस तरह के मार्ग न तो कहीं बने हैं और न ही झारखण्ड जैसे जंगली-पठारी ईलाके में बनानी संभव है। जानकार बतातें हैं की इस नए सरकारी विनाश रेखा के बनने से जहाँ एक और प्राकृतिक सौन्दर्य ख़त्म हो जायेगी,लोग -बाग़ फ़िर से जंगली जीवन जीने को मजबूर हो जायेगें. इससे सबसे अधिक प्रभावित रांची जिले के इराबा,चकला,ओरमांझी चुत्तूपालू के लोग है. फिलहाल , करीव १४ साल पूर्व अलग हुए झारखण्ड प्रान्त के हालत अपने समकक्ष भाईयों (छतीसगढ़, उतराखंड) से काफ़ी भिन्न है। जहाँ वे राज्य दिन दुनी रात चौगनी तरक्की कर रही है वहीँ यह राज्य रसातल की ओर रही है।और इसके प्रति जबावदेह लोग सिर्फ़ समस्याओं की आग पर अपने स्वार्थ की रोटियां सेंकने में मशगुल है .

Share Button

Related News:

झारखंड के मुख्यमंत्री जी: झारखंड को बचाईये न अपने गांव के इन "छोकडा" लोगों से
भागलपुर मे भारी विरोध: राहुल जी बिहार के लोग खासकर युवा अब पहले जैसा नहीं रहा!!
सुबोधकांत बनेंगे मुख्यमंत्री!
गोरखपुर BRD मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सप्लाई ठप होने से 30 बच्चों की मौत
भाजपा की वेबसाइट हैक, दिखे यूं अश्लील मैसेज
'आरक्षण' पर से मद्रास हाई कोर्ट ने हटाई रोक
'शत्रु'हन की 36 साल की भाजपाई पारी खत्म, अब कांग्रेस से बोलेंगे खामोश
लहरिया बाइकर्स के खिलाफ पटना एसपी की मुहिम में 6 धराए
यूं सरेआम अपनी चड्डी तो न उतारो...
झारखंड के राज्यपाल ने लोकतंत्र का गला घोंटा
इस बार मुख्यमंत्री बनते ही शिबू सोरेन ने बदले तेवर
ट्रोल्स 2 TMC MP बोलीं- अपराधियों के सफेद कुर्तों के दाग देखो !
भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति चुप क्यों?
झूठे साबित हो चुके हैं एग्जिट पोल के नतीजे
अर्जुन मुंडा जी,आपका मुख्य सचिव पगला गया है क्या ?
दैनिक प्रभात खबर प्रवक्ता को विधायक बना डाला
पेड पर पाँच बार चढने-उतरने बाले को मिलेगी सरकारी नौकरी:शिबू सोरेन
चौथा चरण: 9 राज्य,71 सीट, इन नेताओं की किस्मत ईवीएम में होगी बंद
रजरप्पा : महापाप का तांडव और मीडिया-1
स्व. राजीव गांधी फेसबुक पर !!
झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन
राम जाने क्या होगा आगे? रजनीतिक गर्दिश मे है झारखंड.
राजीव गांधी उद्यमी मित्र योजना के नाम पर ठगी का धंधा
राजनीति मे सब अपना है रे भाई!

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...
» तीन तलाक और अनुच्छेद 370 के बाद एक चुनाव कराने की तैयारी   » मुंशी प्रेमचंद: हिंदी साहित्य के युग प्रवर्तक   » पुण्यतिथिः जब 1977 में येदुरप्पा संग चंडी पहुंचे थे जगजीवन बाबू   » कैदी तबरेज तो ठीक, लेकिन वहीं हुए पुलिस संहार को लेकर कहां है ओवैसी, आयोग, संसद और सरकार?   » डॉक्टरी भी चढ़ गयी ग्लोबलाइजेशन की भेंट !   » विकास नहीं, मानसिक और आर्थिक गुलामी का दौर है ये !   » एक ऐतिहासिक फैसलाः जिसने तैयार की ‘आपातकाल’ की पृष्ठभूमि   » एक सटीक विश्लेषणः नीतीश कुमार का अगला दांव क्या है ?   » ट्रोल्स 2 TMC MP बोलीं- अपराधियों के सफेद कुर्तों के दाग देखो !   » जब गुलजार ने नालंदा की ‘सांसद सुंदरी’ तारकेश्वरी पर बनाई फिल्म ‘आंधी’  
error: Content is protected ! india news reporter