पिछले 4 वर्षों में दवा परीक्षण के दौरान 1500 लोगों की मौतः केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री

Share Button
भारत में पिछले चार सालों में दवाओं के असर की जांच करने के लिए किए जा रहे परीक्षणों में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है.
स्वास्थ्य मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने संसद को जानकारी दी है कि पिछले चार वर्षों में ऐसे परीक्षणों के दौरान क़रीब 1500 मरीज़ों की मौत हुई है.
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले साल इन परीक्षणों में भाग ले रहे लोगों में से क़रीब 500 की मौत हुई और इनमें से केवल 22 मामलों में दवा कंपनियों ने मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा दिया.
भारत में फिलहाल क़रीब 1500 दवाओं के परीक्षण किए जा रहे हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दवाओं के परीक्षण के लिए दवा कंपनियां भारत की ओर आकर्षित हैं क्योंकि यहां चिकित्सा क्षेत्र में प्रशिक्षित लोग और परीक्षण करवाने के इच्छुक मरीज़ कम ख़र्च पर मिल जाते हैं और साथ ही परीक्षण प्रणाली पर सरकारी नियंत्रण कम है.
ग़ैर-सरकारी संस्थाएं लगातार दवाओं के लिए किए जा रहे परीक्षणों में भाग लेने वाले मरीज़ों को इससे जुड़े ख़तरों की पूरी जानकारी देने और उनकी सहमति लेने पर बल देती रही हैं.
0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Share Button

Related News:

दिवंगत के परिजन से मिले नीतीश,ली ग्रमीणों की सुध
जातिवाद व वर्गवाद को बढावा देती दैनिक हिन्दुस्तान
महागठबंधन की तस्वीर साफ, लेकिन कन्हैया पर नहीं बनी बात
अनशन में अन्ना पीते हैं विटामिन मिला पानीः जी. आर. खैरनार
दिल्‍ली पुलिस और टीम अन्‍ना के बीच शर्तों का खेल जारी
मीडिया की ABCD का ज्ञान नहीं और चले हैं पत्रकार संगठन चलाने
POK के आतंकी अड्डों पर आसमानी प्रहार, मिराज ने की भीषण बमबारी
Me Too से घिरे एम जे अकबर का मोदी मंत्रिमंडल से अंततः यूं दिया इस्तीफा
पीएम मोदी के वाराणसी में पुल गिरा, 50 से उपर लोग दबे
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बुरे फंसे बिहार के शिक्षामंत्री
"ये झारखंड नगरिया तू लूट बबुआ"
झारखंडी मीडिया ने तो शहीदों की परिभाषा ही बदल दी
झारखण्ड: कौन बनेगा सीएम? आदिवासी या सदान?
झारखंड:बहुत कठिन डगर दिख रही है शिबू सोरेन की.
बताईये: दोनों में कौन है क्रिकेटर युसूफ पठान?
"पूर्णतः तीन वर्गों में बँट चूका है झारखंड का आदिवासी समुदाय"
अर्जुन मुंडा को ये बात भी समझनी होगी
भागलपुर मे भारी विरोध: राहुल जी बिहार के लोग खासकर युवा अब पहले जैसा नहीं रहा!!
ऐसे में न.1जर्नलिस्ट.काम के बारे मे अब क्या कहोगे भडास4मीडिया?
झारखंड: सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पेसा कानून के तहत पंचायत चुनाव कराने को लेकर दोनो उपमुख्यमंत्री ...
निकम्मी झारखंड सरकार और शिबू सोरेन का निरालापन
पूंजीवाद के साइड इफेक्ट और अंगार पर खड़ी दुनिया
आयरन लेडी इरोम शर्मीला को चुनाव मिले मात्र 90 वोट
अनिल अंबानी के नहीं आए अच्छे दिन, तिलैया अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट रद्द

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
Close
Menu
error: Content is protected ! india news reporter