» हाई कोर्ट ने खुद पर लगाया एक लाख का जुर्माना!   » बेटी का वायरल फोटो देख पिता ने लगाई फांसी, छोटे भाई ने भी तोड़ा दम   » पुण्यतिथिः जब 1977 में येदुरप्पा संग चंडी पहुंचे थे जगजीवन बाबू   » बजट का है पुराना इतिहास और चर्चा में रहे कई बजट !   » BJP राष्‍ट्रीय महासचिव के MLA बेटा की खुली गुंडागर्दी, अफसर को यूं पीटा और बड़ी वेशर्मी से बोला- ‘आवेदन, निवेदन और फिर दनादन’ हमारी एक्‍शन लाइन   » कैदी तबरेज तो ठीक, लेकिन वहीं हुए पुलिस संहार को लेकर कहां है ओवैसी, आयोग, संसद और सरकार?   » उस खौफनाक मंजर को नहीं भूल पा रहा कुकड़ू बाजार   » प्रसिद्ध कामख्या मंदिर में नरबलि, महिला की दी बलि !   » गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी पर उंगली उठाने वाले चर्चित पूर्व IPS को उम्रकैद   » इधर बिहार है बीमार, उधर चिराग पासवान उतार रहे गोवा में यूं खुमार, कांग्रेस नेत्री ने शेयर की तस्वीरें  

सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड को लेकर दिये अहम फैसले, ये आपको जानना है जरुरी

Share Button

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार से पैन को जोड़ने का फैसला बरकरार रहेगा। साथ ही कोर्ट ने कहा कि बैंक खाते से आधार को जोड़ना अब जरूरी नहीं…….”

INR. आधार की अनिवार्यता (Aadhaar verdict) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में (Supreme Court) अहम फैसला सुना दिया।  केंद्र के महत्वपूर्ण आधार कार्यक्रम और इससे जुड़े 2016 के कानून की संवैधानिक वैधता (Aadhaar constitutional validity) को चुनौती देने वाली कुछ याचिकाओं पर आज यानी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाने से पहले बहुमत का फैसला पढ़ते हुए यह माना कि आधार आम आदमी की पहचान है।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व में पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 38 दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद 10 मई को मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामले में उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश के एस पुत्तास्वामी की याचिका सहित कुल 31 याचिकाएं दायर की गयी थीं।

दरअसल, केंद्र ने आधार योजना का बचाव किया था कि जिनके पास आधार नहीं है, उन्हें किसी भी लाभ से बाहर नहीं रखा जाएगा। आधार सुरक्षा के उल्लंघन के आरोपों पर केंद्र ने कहा कि डेटा सुरक्षित है और इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता।

केंद्र ने यह भी तर्क दिया कि आधार समाज के कमजोर और हाशिए वाले वर्गों के अधिकारों की रक्षा करता है और उन्हें बिचौलियों के बिना लाभ मिलते हैं और आधार ने सरकार के राजकोष में 55000 करोड़ रुपये बचाए हैं।

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि  आधार को मोबाइल से लिंक करना भी जरूरी नहीं होगा।

–  बैंक खाते से आधार को लिंक करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया।

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार से पैन कार्ड को जोड़ने का फैसला बरकरार रहेगा।

– सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया और कहा कि आधार की संवैधानिकता कुछ बदलावों के साथ बरकरार।

– आधार से निजता के हनन के सबूत नहीं मिले- सुप्रीम कोर्ट

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अवैध प्रवासियों को आधार न दिया जाए।

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्कूलों में आधार जरूरी नहीं।

– सुप्रीम कोर्ट ने फैसला पढ़ते वक्त कहा था कि आधार से बड़े वर्ग को फायदा।

– यूजीसी और निफ्ट जैसी संस्थाएं आधार नहीं मांग सकती- सुप्रीम कोर्ट

– कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट पार्टी भी डेटा नहीं देख सकती है।

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऑथेंटिकेशन डाटा सिर्फ 6 महीने तक ही रखा जा सकता है। कम से कम डेटा होना चाहिए।

– आधार की अनिवार्यता पर फैसला पढ़ते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बायोमीट्रिक डेटा की नकल नहीं की जा सकती।

–  सुप्रीम  कोर्ट ने कहा कि कोई मोबाइल और निजी कंपनी आधार नहीं मांग सकती

– Aadhaar Card Versict Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने भी माना कि आधार आम आदमी की पहचान है।

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूनिक का मतलब सिर्फ एक से है।

सुप्रीम कोर्ट ने – सुप्रीम कोर्ट ने फैसला पढ़ते वक्त कहा कि आधार से समाज के बिना पढ़े-लिखे लोगों को पहचान मिली है।

– आधार का डुप्लीकेट बनाना संभव नहीं, साथ ही समाज के हाशिये वाले वर्ग को आधार से ताकत

– सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सीकरी ने आधार की संवैधानिक वैधता पर फैसला पढ़ना शुरू किया

-आधार को लेकर कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने वाले महाधिवक्ता मुकुल रोहतगी का कहना है, “इस फैसले का असर बहुत दूर तक होगा, क्योंकि आधार बहुत-सी सब्सिडी से जुड़ा है। यह लूट और बरबादी को रोकने में भी कारगर है, जो होती रही हैं। मुझे उम्मीद है कि फैसला आधार के हक में आएगा। डेटा की सुरक्षा बेहद अहम है, और सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह डेटा की सुरक्षा करेगी। इस सिलसिले में कानून भी लाया जा रहा है।”

वहीं, याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि आधार अनिवार्य नहीं किया जा सकता और यह निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है। याचिकाकर्ताओं ने आधार कानून पर भी तर्क दिया कि ये मानव जीवन को प्रभावित करता है और ये कानून के रूप में नहीं रह सकता। आधार की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की सविंधान पीठ के पास है।  

38 सुनवाई हुई सुप्रीम कोर्ट में। 17 जनवरी से शुरु हुई थी आधार की सुनवाई। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए के सीकरी, जस्टिस ए एम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस अशोक भूषण की संविधान पीठ ने की थी सुनवाई।

आधार पर फैसला आने तक सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं के अलावा बाकी सभी केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं में आधार की अनिवार्यता पर रोक लगाई गई है। इनमें मोबाइल सिम व बैंक खाते भी शामिल हैं।

के वेणुगोपाल ने कोर्ट में कहा कि ये सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे बडी सुनवाई है इससे पहले 1973 में मौलिक अधिकारों को लेकर केशवानंद भारती केस की सुनवाई करीब पांच महीने चली थी।

Share Button

Related News:

एक बड़ी लूट का पर्याय बना विकास(रांची) से बरही (हजारीबाग) एन.एच.-३३ फोरलेनिंग कार्य
झारखंड मे कांग्रेस का अब “राम नाम सत्य” होगा:लालू
जयरामपेशों का अड्डा बना आयडा पार्क
ये हैं भारत के प्रमुख मीडिया हाउस और उसके मालिक
नोटबंदी फेल, मोदी का हर दावा निकला झूठ का पुलिंदा
शिबू सोरेन,बाबूलाल मरांडी और सुदेश महतो जैसे महत्वकांक्षी नेता : बादशाह बानेगें या ताश का जोकर
भारतीय मीडिया में बढ़ रही है मर्डोकों की तादात
'इ जनता बा मोदी जी! दौड़ा-दौड़ा के सवाल पूछी'
समूचे देश में सजा है बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के नाम पर ठगी का बाजार
टीम अन्ना आंदोलन को लेकर बुखारी ने अलापा सांप्रदायिकता राग
कसाई कौन ? डॉक्टर या दैनिक भास्कर ?
मेरी आर्मी सर्विस और संगठन के रिकार्ड खंगाल रही है सरकारः अन्ना हजारे
एक तो करै़ल दूजे नीम चढ़ाय:होली कैसे मनाएँ?
झारखण्ड की बदहाली के लिये बिहारियो को दोषी मानते है शिबू सोरेन
मोदी की गुरु दक्षिणा, आडवाणी बनेगें राष्ट्रपति !
डंपर से टकराई कैफियत एक्सप्रेस, 12 डिब्बे पटरी से उतरे, 70 घायल
"पूर्णतः तीन वर्गों में बँट चूका है झारखंड का आदिवासी समुदाय"
बोले काटजू- "सत्ता से बाहर होगी भाजपा, यूपी-बिहार में रहेगी नील"
"सुशासन बाबू" की कड़ी फटकार के बाद हरकत में आये उनके घर-जिले के कुशासित अधिकारी
गाँव के गरीब महिलाओं तक को यूं टरकाते हैं मुख्यमंत्री नीतीश के सुशासित अधिकारी
अब यूपी के फर्रुखाबाद के डॉ. लोहिया अस्पताल में 49 बच्चों की मौत !
चीन ने बनाया ब्रह्मपुत्र- सिंधु नदियों के उद्गम स्थल का चित्र
झारखण्ड : मामला राजद के निवर्तमान विधायक के नक्सली अपहरण का
फर्जी निकला रांची प्रेस क्लब का पता? डाकघर से यूं लौटी लीगल नोटिश

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...
» पुण्यतिथिः जब 1977 में येदुरप्पा संग चंडी पहुंचे थे जगजीवन बाबू   » कैदी तबरेज तो ठीक, लेकिन वहीं हुए पुलिस संहार को लेकर कहां है ओवैसी, आयोग, संसद और सरकार?   » डॉक्टरी भी चढ़ गयी ग्लोबलाइजेशन की भेंट !   » विकास नहीं, मानसिक और आर्थिक गुलामी का दौर है ये !   » एक ऐतिहासिक फैसलाः जिसने तैयार की ‘आपातकाल’ की पृष्ठभूमि   » एक सटीक विश्लेषणः नीतीश कुमार का अगला दांव क्या है ?   » ट्रोल्स 2 TMC MP बोलीं- अपराधियों के सफेद कुर्तों के दाग देखो !   » जब गुलजार ने नालंदा की ‘सांसद सुंदरी’ तारकेश्वरी पर बनाई फिल्म ‘आंधी’   » आभावों के बीच राष्ट्रीय खेल में यूं परचम लहरा रही एक सुदूर गांव की बेटियां   » मुंगेरः बाहुबलियों की चुनावी ज़ोर में बंदूक बनाने वाले गायब!  
error: Content is protected ! india news reporter