समाज की सबसे क्रूर और बुरी दुर्घटना है रेप

Share Button

सिर्फ सख्त क़ानून की मांग करना काफी नहीं है। ज़रुरत है धार्मिक और सामाजिक चक्रव्यूह में फंसे समाज को निकालकर लाने की। सामजिक तौर पर स्त्री को अब भी हम कमजोर और शोभा और भोग की वस्तु माने हुए हैं। स्त्री मतलब माँ, पत्नी और बेटी या देह ही दिखती है,जब तक समाज इस बात को स्वीकार नहीं करेगा कि स्त्री मतलब भी नागरिक और इंसान होता है, तब तक कुछ बदलने वाला नही………..”

इंडिया न्यूज रिपोर्टर डेस्क।  रेप! इसमें अपराधी कम और पीड़ित ज़्यादा सज़ा पाती है। इसे लेकर कई बार हमारा समाज उत्तेजित ज़रूर होता है, लेकिन यह उत्तेजना या कहें गुस्सा सांकेतिक आन्दोलन में परिणत हो वाष्पित हो जाता है।

हम सख्त क़ानून की मांग करते हैं, संसद सख्त क़ानून की मांग पर बहस करती है और मुद्दा ख़त्म हो जाता है। क्या हमारे समाज ने कभी इस बात पर गंभीरता से विचार किया है कि ये रेप क्यों होते हैं ? और रेप करनेवाला सज़ा से क्यों नहीं डरता ?

इसके मूल में है हमारा समाज, जो मुख्य तौर पर धर्म की पंक्तियों से संचालित है। सारे धर्मों की किताब कहती है, स्त्री गृहिणी है, माँ है। और इससे समाज में जो स्वर जाता है, वो है स्त्री घर की इज्जत है और वह घर के भीतर रहे तभी सुरक्षित है

सीता और लक्ष्मण रेखा के उदाहरण गाँव गाँव और घर घर में अब भी दिए जाते हैं। जाहिल से जाहिल व्यक्ति भी सीता और लक्ष्मण रेखा का उदाहरण देकर स्त्रियों को कमतर साबित करने और उन्हें अपनी तरह से संचालित करने की कोशिश करता है और उसमें कामयाब भी होता है।

यही वजह है कि स्त्री जब भी अकेली होती है या आसपास कोई एक अथवा कुछ पुरुष दिखाई पड़ते हैं तो वह दृढ़ता से उसका सामना करने के बजाय डर जाती है, स्त्री की यही कमजोरी कमज़ोर से कमजोर आदमी को भी भेड़िया बना देती है।

जब भी इस तरह की दुर्घटना होती है, समाज के लोग सख्त क़ानून बनाने की बात करते हैं। आंकड़ेबाज़ रेप केस में कम से कम कन्विक्शन रेट की बात करते हैं और संसद में बैठे लोग कुछ और क़ानून बना अपना जिम्मेदारी से उऋण हो जाते हैं ।

लेकिन रेप रुकते नहीं। देश में रोज़ हज़ारों रेप हो रहे हैं। ज़्यादातर मामलों में रेप की शिकार महिला या बच्ची इस बात को छुपा जाती है, केस पुलिस तक नहीं पहुंचता और जो मामले पुलिस तक पहुंचते भी हैं, पुलिस केस दर्ज करने में आनाकानी करती है और स्त्री पर ही कीचड उछाल देती है कि किसी के संग भाग गयी होगी या खुद का चरित्र अच्छा नहीं है, मर्यादा में रहना चाहिए, देर रात बाहर निकालने की ज़रुरत क्या थी आदि आदि।

और कुछ केस दर्ज भी हो जाते हैं तो पुलिस और समाज के लोग कोर्ट के बाहर ही सेटलमेंट करवाने की कोशिश कर देते हैं। कुछ केस कोर्ट में पहुँच भी जाते हैं  तो वकील लडकी को दुश्चरित्र साबित कर केस को पलट अपराधी को बरी करा देते हैं। बहुत कम मामले होते हैं जिसमें अपराधी को दंड मिल पाता है।

ऐसे में जाहिर है दंड का सबक समाज के जाहिलों और स्त्री को देह समझने वालों तक ज़रूरी सन्देश नहीं पहुँच पाता कि स्त्री देह नहीं है, इंसान है और नागरिक है। कहने का तात्पर्य ये है कि जबतक स्त्री के प्रति समाज और क़ानून का नज़रिया नहीं बदलता इस तरह की घटनाएँ रुकने वाली नहीं है।

दूसरी बात, राजनीति और समाज ने अपराधियों को जिस तरह से पालने का हुनर सीख लिया है, वो भी बड़ा कारण है। अब रेपिस्ट हिन्दू मुसलमान ब्राहमण या दलित हो गया है।

अपराधियों को हम जाति और धर्म के आधार पर संरक्षण देने लगे हैं। इसलिए कोर्ट में गरीब और कमजोर तबके से आने वाला अपराधी तो फांसी पर चढ़ा भी दिया जाता है लेकिन खाते पीते घरों या सामाजिक राजनीतिक गुंडे अभयदान पा लेते हैं। रामरहीम, आसाराम, चिन्मयानंद और सेंगर जैसे लोग इस सन्दर्भ के गंभीर उदाहरण हैं।

0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Share Button

Related News:

‘रेप को रोक न पाओ तो मजा लो’, सासंद पत्नी ने की पोस्ट, मचा बवाल
समूचे भारत में ‘विवादित’ CAA Act-19 लागू, अधिसूचना जारी
Keep the faith, keep up the fight :Arvind Kejriwal
मानव भ्रष्टाचार के नाम पर राजनीति कब तक !!
प्रेमी संग राजगीर घुमने गई नाबालिग से गैंगरेप के प्रयास का वीडियो वायरल
यूं सरेआम अपनी चड्डी तो न उतारो...
गांधी के रास्तों पर नहीं चल रहे हैं अन्नाः तुषार गांधी
भाजपा की हालत 'माल महाराज की और मिर्जा खेले होली' जैसीः ममता बनर्जी
बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का जीवन और उनकी उपलब्धियों पर एक नज़र
महागठबंधन के हुए कुशवाहा और डैमेज कंट्रोल में जुटी भाजपा
पंचायत चुनाव और उग्रवाद पर दिखा झारखंड के "गुरूजी" का नया अन्दाज
EC का बड़ा एक्शनः योगी-मायावती के चुनाव प्रचार पर रोक
घर के शेर विदेश में ढेर, 2 टेस्ट और 4 पारियां, 803 रन भी नहीं बना पाई टीम इंडिया
पी.एल.एफ.आई के कुख्यात सोनू अपने सहयोगी गोलू के साथ धराया
ललन के चक्रव्यूह मे फंसे बिहार के सुशासन बाबू
गाँव को गोद लेने के वहाने लोगों को ठगा एच.डी.एफ.सी.बैंक ने!
कांग्रेस ने मुझे फिल्मी "डॉन" बना दिया: मधु कोडा
मेरी सरकार को राहुल गांधी से प्रमाण-पत्र नहीं चाहिये:नीतीश कुमार
बिहारी बाबू का फिर छलका दर्द ‘अब भाजपा में घुट रहा है दम’
बाबा रामदेव और आरएसएस ने दी चेतावनीः रामलीला मैदान कांड न दोहराए सरकार
कांग्रेस का अब “राम नाम सत्य” होगा:लालू
पत्नी की कंप्लेन पर सस्पेंड से बौखलाया था हत्यारा पुलिस इंस्पेक्टर
नागरिकता संशोधन बिल पर बवाल के असल मायने?
वायरल ऑडियो से उभरे सबालः कौन है मुन्ना मल्लिक? कौन है साहब? राजगीर MLA की क्या है बिसात?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
Close
error: Content is protected ! india news reporter