» …तो नया मोर्चा बनाएँगे NDA के बागी ‘कुशवाहा ‘   » पुलिस सुरक्षा बीच भरी सभा में युवक ने केंद्रीय मंत्री को यूं जड़ दिया थप्पड़   » SC का बड़ा फैसलाः फोन ट्रैकिंग-टैपिंग-सर्विलांस की जानकारी लेना है मौलिक अधिकार   » जयरामपेशों का अड्डा बना आयडा पार्क   » चारा घोटा की नींव रखने वाले को पर्याप्त सबूत होते भी सीबीआई ने क्यों बख्शा!   » बलिया-सियालदह ट्रेन से भारी मात्रा में नर कंकाल समेत अंतर्राष्ट्रीय तस्कर धराया   » लेकिन, प्राईवेट स्कूलों की जारी रहेगी मनमानी, बोझ ढोते रहेंगे मासूम   » ईको टूरिज्म स्पॉट बनकर उभरेगा घोड़ा कटोरा :सीएम नीतीश   » कानून बनाओ या अध्यादेश लाओ, राममंदिर जल्द बनाओ : उद्धव ठाकरे   » 26 को प्रभातफेरी निकाल बच्चें चमकाएंगे यूं सरकार का चेहरा  

समझिये, केजरीवाल की ‘ईमानदारी’ की पोल खोलने वाला टैंकर घोटाला

Share Button

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और जल मंत्री के पद से हटाए गए कपिल मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने एक बार फिर टैंकर घोटाले को लेकर पूर्व की शीला दीक्षित सरकार और मौजूदा आम आदमी पार्टी के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर संगीन आरोप लगाते हुए उन पर दो करोड़ रुपए नकद लेने का आरोप तक लगा डाला।

आपको बता दें कि कपिल मिश्रा काफी समय से टैंकर घोटाले को लेकर कार्रवाई की मांग करते आ रहे हैं। आखिर दिल्ली की राजनीति में हलचल मचाने वाला टैंकर घोटाला है क्या…

कहा जाता है करीब 400 करोड़ रुपए का टैंकर घोटाला तब हुआ था, जब दिल्ली पर कांग्रेस का राज था और शीला दीक्षित मुख्यमंत्री थी। शीला दीक्षित ने 2013 तक दिल्ली का नेतृत्व किया है।

जब ये घोटाला हुआ तब शीला दीक्षित न सिर्फ मुख्यमंत्री थीं, बल्कि वो दिल्ली जल बोर्ड की चेयरपर्सन भी थीं।

इस घोटाले में दिल्ली में पानी सप्लाई के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर हायर किए गए प्राइवेट टैंकर्स में अनियमितताएं सामने आईं।

जून 2015 में आम आदमी पार्टी सरकार ने घोटाले की जांच के लिए फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित की।

कमेटी ने अगस्त, 2015 में ही अपनी रिपोर्ट पेश की और 2012 में 400 करोड़ रुपए का घोटाला होने की बात कही।

रिपोर्ट में कहा गया कि प्राइवेट कंपनियों से लिए गए 385 स्टेनलैस-स्टील वॉटर टैंकरों की खरीद में गड़बड़ी हुई। टैंकरों को उनकी असल कीमत से तीन गुना मंहगे दाम पर खरीदा गया।

एक साल तक इस मामले में दिल्ली सरकार द्वारा ज्यादा कुछ नहीं किया गया।

हालांकि पिछले साल रिपोर्ट पूर्व उप-राज्यपाल नजीब जंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी गई। अपने सुझावों में कपिल मिश्रा ने सीबीआई और एसीबी से मामले की जांच कराने की मांग की।

इसके बाद नजीब जंग ने कमेटी की रिपोर्ट को एसीबी के पास भेज दिया. जिसके बाद एसीबी ने शीला दीक्षित और अरविंद केजरीवाल दोनों के ही खिलाफ मामला दर्ज किया।

इस घोटाले की सबसे पहले शिकायत करने वाले व्हिसल ब्लोअर इंजीनियर जेपी गौड़ को टर्मिनेट कर दिया गया।

Related Post

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
» जयरामपेशों का अड्डा बना आयडा पार्क   » …और खून से लथपथ इंदिरा जी का सिर अपनी गोद में रख सोनिया चल पड़ी अस्पताल   » ‘लालू के खिलाफ आपस में मिले थे सुशील मोदी, नीतीश कुमार, राकेश अस्थाना और पीएमओ’   » धर्मांतरण, घर वापसी और धर्मयुद्ध   » जयंती  विशेषः एक सच्चा पत्रकार, जो दंगा रोकते-रोकते हुए शहीद   » ‘लोकनायक’ के अधूरे चेले ‘लालू-नीतीश-सुशील-पासवान’   » जो उद्योग तम्बाकू महामारी के लिए जिम्मेदार हो, उसकी जन स्वास्थ्य में कैसे भागीदारी?   » इस बार उखड़ सकते हैं नालंदा से नीतीश के पांव!   » जानिये मीडिया के सामने हुए अलीगढ़ पुलिस एनकाउंटर का भयानक सच   » कौन है संगीन हथियारों के साये में इतनी ऊंची रसूख वाला यह ‘पिस्तौल बाबा’  
error: Content is protected ! india news reporter