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‘मुजफ्फरपुर महापाप’ के ब्रजेश ठाकुर का करीबी राजदार को CBI ने दबोचा

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 “दिलीप वर्मा चाइल्ड वेलफेयर कमेटी  (सीडब्ल्यूसी) का पूर्व चेयरमैन है। मुजफ्फरपुर के कजरा गांव निवासी दिलीप वर्मा की धटना के बाद से ही खोज हो रही थी…….”

INR. मुजफ्फरपुर बालिका अल्पावास गृह मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर का राजदार और फरार चले रहे दिलीप वर्मा को आज सीबीआई की टीम ने दबोच लिया। हालांकि अभी तक उसकी गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सीबीआई की नजर अब ब्रजेश ठाकुर के कुकर्मा के दो बड़े राजदार संजय सिंह उर्फ झूलन सिंह और मुजफ्फरपुर के रेड लाईट एरिया में संस्था चलाने वाली मधु पर है। इन दोनों की दबोचने के प्रयास किए जा रहे हैं। झूलन ब्रजेश ठाकुर के अखबार प्रात: कमल का पटना कार्यालय का प्रभारी था।

गौरतलब है कि सीबीआई की टीम ने जब पटना म्यूजियम के सामने स्थित इस अखबार के दफ्तर में छापेमारी की थी तो ऐशगाह के रुप में परिणत एक कमरे से से कई पैकेट कंडोम, शक्तिवर्धक दवाईयां और कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गईं थीं। पर झूलन पुलिस के हाथों नहीं लग सका था।

दो माह पूर्व ब्रजेश ठाकुर के राजदार संजय उर्फ झूलन की एक तस्वीर सामने आई थी। उस तस्वीर में वह अपने कंधे पर प्रतिबंधित एसएलआर रायफल टांगे दिखाई दे रहा है। तभी से यह सवाल उठ रहा है कि झूलन के पास ऐसे प्रबिंधित रायफल कहां से आए।

सूत्रों के अनुसार सीबीआई की टीम झलन के एसएलआर और पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पैतृक निवास से बरामद एसएलआर के दर्जनों कारतूस का कोई आपस में संबंध है इसकी भी छानबीन कर रही है।

फिलवक्त मंजू वर्मा और उनके पति कारतूसों की बरामदगी के बाद दर्ज एफआईआर के बाद से ही फरार हैं। पहले बेगुसराय की निचली अदालत और बाद में पटना हाईकोर्ट से भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। मधु और संजय उर्फ झूलन के नेपाल में कहीं छूपे होने की संभावना जतायी जा रही है।

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