» तीन तलाक को राष्ट्रपति की मंजूरी, 19 सितंबर से लागू, यह बना कानून!   » तीन तलाक कानून पर कुमार विश्वास का बड़ा रोचक ट्विट….   » मुंशी प्रेमचंद: हिंदी साहित्य के युग प्रवर्तक   » बिहार के विश्व प्रसिद्ध व्यवसायी सम्प्रदा सिंह का निधन   » पत्नी की कंप्लेन पर सस्पेंड से बौखलाया था हत्यारा पुलिस इंस्पेक्टर   » कर्नाटक में सरकार गिरना लोकतंत्र के इतिहास में काला अध्याय : मायावती   » समस्तीपुर से लोजपा सांसद रामचंद्र पासवान का निधन   » दिल्ली की 15 साल तक चहेती सीएम रही शीला दीक्षित का निधन   » अपनी दादी इंदिरा गांधी के रास्ते पर चल पड़ी प्रियंका?   » हाई कोर्ट ने खुद पर लगाया एक लाख का जुर्माना!  

मीडिया की ABCD का ज्ञान नहीं और चले हैं पत्रकार संगठन चलाने

Share Button

INR.  किसी भी पेशा में संगठन का अपना कर्तव्य और दायित्व होता है। बात जब मीडिया संगठन की हो तो जिम्मेवारी काफी बढ़ जाती है। लेकिन आज कल मीडिया-पत्रकार के नाम पर कई ऐसे संगठन उग आये हैं, जो बात तो करते हैं पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान की। पत्रकार उत्पीड़न के खिलाफ तो चिंघाड़ते नहीं थकते।

-: मुकेश भारतीय :-

नालंदा जिले के राजगीर थाना के एक नशे में धुत जमादार ने वेब जर्नलिस्ट राजीव रंजन के साथ दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिल कर मारपीट की। राजीव रंजन का कसूर सिर्फ इतना था कि दो अन्य रिपोर्टर के साथ नशे धुत जमादार का ऑन ड्यूटी बीच सड़क हंगामा करते वीडियो बनाने का प्रयास किया।

इस पत्रकार उत्पीड़न की खबर को पटना से प्रकाशित दैनिक प्रभात खबर को छोड़कर  किसी भी अखबार या चैनल ने एक लाईन भी खबर न तो प्रकाशित की और न ही प्रसारित। राजगीर के किसी भी स्थानीय रिपोर्टर ने भी इसे कोई तजब्बो नहीं दिया।

सबसे दुःखद बात तो यह कि ….. पूछा जा रहा है कि खबर क्यों भेजी। वेब पोर्टल या वेब जर्नलिस्ट नहीं होता है।

उल्टे एक पत्रकार संगठन ने अपने व्हाटस्एप्प ग्रुप में इस तरह की सूचनाएं प्रसारित की, जो बिल्कुल बकबास है। इस ग्रुप में आये दिन वेब पोर्टल-वेब जर्नलिस्ट से जुड़ी बेसिर-पैर की भ्रामक की सूचनाएं परोसी जाती रही है।

दरअसल, आज कल मीडिया में स्थानीय स्तर पर ऐसे लोग काफी तादात में प्रवेश कर गये हैं, जिन्हें पत्रकारिता या सरकार की नियमावली की कोई जानकारी नहीं होती। वे यत्र-तत्र अपनी अज्ञानता की उल्टियां करते फिरते हैं।

ऐसे लोग अपनी कमियों को ढंकने के लिये, शासन-प्रशासन पर अपना अनर्गल प्रभाव जताने के लिये संगठन की रचना करने में जुट जाते हैं। जिस कथित पत्रकार संगठन की जो बातें यहां रखी जा रही है, उससे जुड़े स्वंभू कथित रिपोर्टरों-पदाधिकारियों की मंशा साफ झलकती है।

इस कथित संगठन के ग्रुप में जो अज्ञानता भरी चीजे परोसी जा रही है, उसका सार है कि न वेब पोर्टल होता है और न ही वेब जर्नलिस्ट। उतर प्रदेश शासन के किसी अधिकारी का हवाला दिया गया है। यहां स्पष्ट कर दूं कि उस राज्य में उस पद पर कभी कोई अधिकारी नहीं रहे हैं और न ही कोई निर्देश ही जारी किया है।

पिछले 3 वर्षों ऐसी मनगढ़ंत बातों को वैसे तत्व उछालते रहे हैं, जिनका मीडिया में अपना कोई बजूद नहीं है या फिर उनकी दलाली को वेब मीडिया और उसके जर्नलिस्ट से खतरा है। शासन-प्रशासन अगर ऐसे तत्वों के खिलाफ कोई सीधी कार्रवाई नहीं करती है तो कम से कम सतर्क तो अवश्य ही रहनी चाहिये।

बहरहाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड आदि राज्यों के नियमावली-आवेदन में जो बातें उल्लेखित हैं, उससे सावन के ऐसे गदहों को तो अक्ल आ ही जानी चाहिये। जिसे यहां प्रस्तुत की जा रही है बतौर आयना…..

दूसरी तरफ उस कथित पत्रकार संगठन के ग्रुप के स्नैपशॉट भी डाली जा रही है, जिसमें काफी संख्या में ऐसे लोग शामिल हैं, जो सक्रिय-निष्क्रिय किसी तरह की पत्रकारिता से जुड़े नहीं हैं….

Share Button

Related News:

पुलिस की पेशकश पर अब जेपी पार्क में अनशन करेगें अन्ना
पुण्यतिथिः जब 1977 में येदुरप्पा संग चंडी पहुंचे थे जगजीवन बाबू
365दिन चैनल के प्रमुख के अमर्यादित वयान को लेकर पलामू चेम्बर औफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के सचिव ने इस्...
कल CM,PMO,DGP,DIG,SSP,CSP को भेजा ईमेल, आज सुबह पेड़ से यूं लटकता मिला उसका शव  
नालन्दा के अतीत से
सबाल बाल-राज ठाकरे का नही अपितु सबाल है...........
दैनिक प्रभात खबर प्रवक्ता को विधायक बना डाला
नेताओं के निकम्मेपन के बीच शिबू परिवार की अंदरूनी कलह का विकृत नतीजा है झारखंड के ताजा सूरत
झारखंड:मामला राजद विधायक के नक्सली अपहरण का
नीतीश के साथ पटना में "आरक्षण" देखेंगे अमिताभ
झारखंड विधानसभा चुनाव:रांची जिला,खिजरी क्षेत्र के उम्मीदवारो को मिले मत
हाई कोर्ट ने लगाई बालकृष्ण की गिरफ़्तारी पर रोक
सन्मार्ग से बैजनाथ मिश्र की छुट्टी! रजत गुप्ता की वापसी!
चीन ने बनाया ब्रह्मपुत्र- सिंधु नदियों के उद्गम स्थल का चित्र
भागलपुर मे राहुल गान्धी का विरोध: सर्वत्र अफरातफरी का महौल,मुस्लिम यूनाईटेड फ्रंट ने विरोध मे व्यापक...
'संपूर्ण क्रांति' के 44 सालः ख्वाहिशें अधूरी, फिर पैदा होंगे जेपी?
नालंदा के एसपी के इस आदेश की हर तरफ-हर कोई उड़ा रहा है सरेआम धज्जियां
तीन तलाक को राष्ट्रपति की मंजूरी, 19 सितंबर से लागू, यह बना कानून!
बोफ़ोर्स की तरह ही 'पीएम 2019' का खेल कहीं बिगाड़ न दे रफ़ाएल
सरकार राजी, अब रामलीला मैदान में होगा अन्ना का अनशन
दोधारी तलवार बनती वर्ल्ड टेक्नोलॉजी
"प्रभात ख़बर औए ३६५ दिन में सौतन-डाह"
जानिए कौन थे लाफिंग बुद्धा, कैसे पड़ा यह नाम
बिहार पहुँची किसान आंदोलन की चिंगारी, बिहारशरीफ में निकला ‘अधिकार मार्च’

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...
» मुंशी प्रेमचंद: हिंदी साहित्य के युग प्रवर्तक   » पुण्यतिथिः जब 1977 में येदुरप्पा संग चंडी पहुंचे थे जगजीवन बाबू   » कैदी तबरेज तो ठीक, लेकिन वहीं हुए पुलिस संहार को लेकर कहां है ओवैसी, आयोग, संसद और सरकार?   » डॉक्टरी भी चढ़ गयी ग्लोबलाइजेशन की भेंट !   » विकास नहीं, मानसिक और आर्थिक गुलामी का दौर है ये !   » एक ऐतिहासिक फैसलाः जिसने तैयार की ‘आपातकाल’ की पृष्ठभूमि   » एक सटीक विश्लेषणः नीतीश कुमार का अगला दांव क्या है ?   » ट्रोल्स 2 TMC MP बोलीं- अपराधियों के सफेद कुर्तों के दाग देखो !   » जब गुलजार ने नालंदा की ‘सांसद सुंदरी’ तारकेश्वरी पर बनाई फिल्म ‘आंधी’   » आभावों के बीच राष्ट्रीय खेल में यूं परचम लहरा रही एक सुदूर गांव की बेटियां  
error: Content is protected ! india news reporter