» मीडिया की ABCD का ज्ञान नहीं और चले हैं पत्रकार संगठन चलाने   » ‘सीएम नीतीश का माफिया कनेक्शन किया उजागर, अब पूर्व IPS को जान का खतरा’   » नीतिश के बिहार एनडीए के चेहरे होने पर भाजपा में ‘रार’   » आधार कार्ड का सॉफ्टवेयर हुआ हैक, कोई भी बदल सकता है आपका डिटेल   » न्यू एंंटी करप्शन लॉ के तहत अब सेक्स डिमांड होगी रिश्वत   » इस तरह तैयार की जाती है बढ़ते मांग के बीच सेक्स डॉल्स   » 3 स्टेट पुलिस के यूं संघर्ष से फिरौती के 40 लाख संग धराये 5 अपहर्ता, अपहृत भी मुक्त   » राहुल की छड़ी ढूंढने के चक्कर में फिर फंसे गिरि’सोच’राज, यूं हुए ट्रोल   » राहुल गांधी का सचित्र ट्वीट- ‘मानसरोवर के पानी में नहीं है नफरत’   » पटना साहिब सीटः एक अनार सौ बीमार, लेकिन…  

भूमिहीन और कर्जदार हैं नीतिश, जबकि उनका बेरोजगार बेटा है मालामाल

Share Button

“जीरो टॉलरेंस की राज’नीति के तहत छठी बार सीएम बने नीतीश कुमार उल्टे कर्ज में डूबे हैं जबकि उनका बेरोजगार बेटा मालामाल है।”

पटना (संवाददाता)। जी चौंकिये मत। यह रिकार्डेड हकीकत है कि एक लंबे अरसे तक सांसद, केन्द्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री रहने वाले नीतिश कुमार भूमिहीन हैं। उनके पास एक धूर भी जमीन नहीं हैं। चाहे वह जमीन कृषि योग्य या गैर कृषि भूमि क्यों न हो। उनके नाम से सिर्फ नई दिल्ली में एक फ्लैट है, वह भी संसद द्वारा आवंटित है।

एक बेबसाइट के अनुसार नीतीश कुमार अपने इकलौते बेटे निशांत की तुलना में चार गुना गरीब हैं। उन्होंने एक कार लोन पर ली थी। 

नीतीश कुमार ने 2016 में संपत्ति की घोषणा की थी। अपने घोषणापत्र में नीतीश ने पैतृक संपत्ति बेटे निशांत के नाम दिखाई है।

नीचे तस्वीरों के माध्यम से देखिये कि नीतीश और उनके बेटे निशांत की संपति का सच क्या है…..

 

Related Post

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

» पटना साहिब सीटः एक अनार सौ बीमार, लेकिन…   » राम भरोसे चल रहा है झारखंड का बदहाल रिनपास   » नोटबंदी फेल, मोदी का हर दावा निकला झूठ का पुलिंदा   » फालुन गोंग का चीन में हो रहा यूं अमानवीय दमन   » सड़ गई है हमारी जाति व्यवस्था   » भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना आपातकाल   » भारत दर्शन का केंद्र है राजगीर मलमास मेला   » ‘संपूर्ण क्रांति’ के 44 सालः ख्वाहिशें अधूरी, फिर पैदा होंगे जेपी?   » चार साल में मोदी चले सिर्फ ढाई कोस   » सवाल न्यायपालिका की स्वायत्तता का  
error: Content is protected ! india news reporter