» ‘राजगीर मलमास मेला सैरात भूमि से SDO-DSP हटायेगें अतिक्रमण और DM-SP करेंगे मॉनेटरिंग’   » नालोशिप्रा का राजगीर सीओ को अंतिम आदेश, मलमास मेला सैरात भूमि को 3 सप्ताह में कराएं अतिक्रमण मुक्त   » नालंदा जिप अध्यक्षा के मनरेगा योजना के निरीक्षण के दौरान मुखिया सब लगे गिड़गिड़ाने, पूर्व विधायक लगे दबाने   » राजगीर मलमास मेला सैरात भूमि से हर हाल में हटेगा अतिक्रमण, प्रशासन सक्रिय   » JUJ के पत्रकारों को सुरक्षा और न्याय के संदर्भ में झारखंड DGP ने दिये कई टिप्स   » हदः रांची के एक अखबार के रिपोर्टर की हत्या कर उसके घर में यूं टांग दिया   » नालंदा लोशिनिप संजीव सिन्हा ने कहाः रेकर्ड सुरक्षित होगें, अगली तिथि जल्द, न्याय होगा   » रिटायर्ड सिपाही का बेटा लेफ्टिनेंट बन नगरनौसा का नाम किया रौशन   » नालंदा में गजब हो गया, अंतिम सुनवाई के दिन लोशिनिका से रेकर्ड गायब, मामला राजगीर मलमास मेला सैरात भूमि का   » महागठबंधन की सरकार में महादलितों पर अत्याचार बढ़ाः जीतनराम मांझी  

भारत को स्विट्जरलैंड का झटका, गोपनीयता की शर्त पर देगा जानकारी

Share Button

कालेधन के मुद्दे पर भारत लगातार स्विट्जरलैंड से जानकारियां हासिल करने की कोशिश कर रहा है। ताजा मामले में स्विट्जरलैंड ने कहा है कि कालेधन से जुड़ी जानकारियों के स्वत: आदान-प्रदान की प्रस्तावित व्यवस्था में गोपनीयता की शर्त भंग नही होनी चाहिए।  स्विट्जरलैंड ने कहा है कि गोपनीयता की शर्त टूटने पर वह बैंक खातों की जानकारियां मुहैया नहीं कराएगा।

एक समझौते के तहत भारत को अगले साल से खुद-ब-खुद स्विस बैंक से संदिग्‍ध अकाउंट्स की डिटेल्‍स मिलनी शुरू हो जाएगी।

स्विट्जरलैंड के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय मामलों के विभाग (एसआईएफ) ने कहा, ‘बैंक इस साल पहली बार डाटा कलेक्‍ट कर रही हैं। इसके बाद 2018 से स्विस टैक्‍स अथॉरिटीज अन्‍य देशों के साथ जानकारी शेयर करना शुरू करेगी।’

एसआईएफ ने अपनी क्वाटर्ली समाचार पत्रिका के ताजा अंक में लिखा है, ‘यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सूचनाएं गलत हाथों में न पड़ें और उनका गलत इस्तेमाल न हो।’

विभाग ने कहा, ‘स्विट्जरलैंड उन सभी देशों और क्षेत्रों के साथ टैक्स संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान करने को तैयार है जो इससे जुड़ी शर्तों को पूरा करते हैं। इस अंतरराष्ट्रीय डील में सूचनाओं की गोपनीयता और सुरक्षा महत्वपूर्ण बात है।’

स्विट्जरलैंड ने एक जनवरी 2017 से सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान के नियम लागू किया था। इसके तहत सूचनाओं का पहला आदान-प्रदान कुछ देशों के साथ अगले साल किया जाएगा जिनमें भारत भी शामिल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

X

Pin It on Pinterest

X
error: Content is protected ! india news reporter