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बिहारी बाबू का फिर छलका दर्द ‘अब भाजपा में घुट रहा है दम’

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(INR).  भाजपा  के प्रथम पंक्ति के नेता रहे पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि उनके साथ भाजपा ने एक सौतेले बेटे की तरह व्यवहार किया है। 

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि मेरी माता-पिता मुझे सौतेले बेटे को दिए गए उपचार दे रहे थे। काफी ईमानदारी से मैं दब गई। महसूस हो रहा है मेरा दम घुट रहा है।’

बिहारी बाबू, जो पिछले महीने यशवंत सिन्हा द्वारा शुरू की गई एक राजनीतिक मंच- राष्ट्र मंच में शामिल हुए हैं, उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी में कोई भूमिका नहीं दी गई थी।

उन्होंने कहा कहा, ‘उन्होंने मुझे बोलने के अलावा कुछ भी करने की अनुमति नहीं दी।’ राष्ट्र मंच के बारे में बात करते हुए, सिन्हा ने कहा कि हम अपने मूल पार्टी से विद्रोह नहीं कर रहे हैं।

‘सिन्हा ने कहा, यह नया मंच किसानों की आत्महत्या, बेरोजगारी, आंतरिक सुरक्षा और बाहरी सुरक्षा को संबोधित करेगा।

पद्मवत विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए, सिन्हा ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वास्तविक समस्याओं से ज्यादा अप्रासंगिक मुद्दों पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। ‘पद्मवत’ विवाद अनावश्यक था।’

गौरतलब है कि सिन्हा, भाजपा और वरिष्ठ नेताओं की आलोचना करते रहे हैं। बीते दिनों उन्होंने गुजरात चुनाव के परिणाम आने पर भी टिप्पणी की थी।

इससे पहले शत्रुघ्न सिन्हा ने कार्यक्रम में मोदी सरकार के मंत्रियों का जमकर मजाक उड़ाते हुए कहा था कि सरकार के मंत्रिमंडल में 90 प्रतिशत लोगों को कोई नहीं जानता। उन्होंने कहा कि इन मंत्रियों को भीड़ में कोई नहीं पहचानेगा।

सिन्हा के अनुसार, ये वो खुशामदीदों की टोली हैं, जो वहां कुछ बनाने के लिए नहीं हैं, बल्कि बने रहने की कोशिश में लगे हैं। फिर मैं इन मुद्दों पर क्यों नहीं बोल सकता? शत्रुघ्न सिन्हा यहीं नहीं रुके।

उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली, सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी और पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘यदि एक वकील वित्त मंत्री बन सकता है, एक टीवी सेलेब्रिटी मानव संसाधन विकास मंत्री बन सकती है और एक चाय वाला…..फिर मैं इन मुद्दों पर क्यों नहीं बोल सकता?’

पीएम मोदी का भ्रष्टाचार पर ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा के नारे पर भी चुटकी लेते हुए सिन्हा ने कहा कि आजकल देश में ना जियूंगा, ना जीने दूंगा चल रहा है। इससे पहले पद्मावती मुद्दे पर पीएम मोदी की चुप्पी पर सिन्हा ने कहा था कि पीएम इस मुद्दे पर चुप क्यों है।

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