बच सकती थी एम्स में आग से हुई तबाही, अगर…

Share Button

जरुरत थी तो सिर्फ इसकी कि अस्पताल प्रशासन और परिसर में चप्पे-चप्पे पर फैले प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के गार्डस अलर्ट होते………”

इंडिया न्यूज रिपोर्टर डेस्क। देश के इकलौते और दिल्ली में स्थित सबसे बड़े अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान यानि एम्स में लगी भीषण आग में हुई बर्बादी को काफी हद तक रोका जा सकता था। जरुरत थी तो सिर्फ इसकी कि, अस्पताल प्रशासन और परिसर में चप्पे-चप्पे पर फैले प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के गार्डस अलर्ट होते!

दिल्ली दमकल विभाग के कर्मचारी तो पूरी ताकत झोंकने पर आमादा थे, मगर उन्हें यह सब कर गुजरने का मौका तलाशने में ही काफी वक्त बर्बाद हो गया।

दिल्ली फायर सर्विस के निदेशक विपिन कैंटल ने इनमें से कई बिंदुओं का समर्थन किया है। आग की शुरुआत कब हुई इस सवाल का माकूल जबाब एम्स प्रशासन में अभी तक किसी के पास नहीं है। सिवाय इस संभावना को जताने की कि, आग शायद शार्ट सर्किट से लगी होगी!

विपिन कैंटल ने बताया कि, दिल्ली फायर कंट्रोल रुम को आग लगने की सूचना शाम करीब पांच से साढ़े पांच बजे के आसपास मिली। सूचना मिलते ही तत्काल 15 फायर टेंडर (आग बुझाने की गाड़ी) मौके पर रवाना कर दिये गये।

रात करीब साढ़े ग्यारह बजे के आसपास आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। जबकि पीसी ब्लॉक की पांच मंजिला इमारत (जिसमें आग लगी) में फैले धुंए और हल्की फुल्की सुलग रही आग को रविवार सुबह करीब सात बजे पूरी तरह शांत किया जा सका।

एम्स सूत्र बताते हैं कि इस अग्निकांड से अस्पताल परिसर की तमाम टेलीफोन लैंड लाइन ने भी काम करना बंद कर दिया है, जिसके चलते खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

विपिन कैंटल के अनुसार आग को काबू करने के लिए कुल 34 फायर टेंडर लगाने पड़े। ‘एम्स पहुंचते ही हमने अंदाजा लगा लिया था कि आग पीसी ब्लॉक की दूसरी मंजिल से भड़की है। इसी मंजिल पर प्रयोगशाला है। यहां एक आईसीयू भी है। जिसमें कई मरीज वेंटीलेटर पर गंभीर हालत में थे। सबसे पहले उन्हें निकाला। उसके बाद और भी तमाम मरीजों को सबसे पहले बचाना दिल्ली दमकल की प्राथमिकता में रहा। इसमें हमें कामयाबी भी मिली, मगर काफी मशक्कत के बाद।’

आग बुझाने में क्या कुछ खास कठिनाईयों का सामना करना पड़ा, यह पूछने पर कैंटल बोले, ‘पीसी बिल्डिंग के पीछे की साइड में (जिसकी सेकेंड फ्लोर पर आग की शुरुआत हुई) भू-तल पर अस्पताल प्रशासन ने कुछ भारी-भरकम उच्च क्षमता वाले जनरेटर सेट स्थापित कर रखे हैं। दिल्ली फायर के कर्मचारियों को आग की शुरुआत होने वाली जगह यानि प्रयोगशाला में पहुंचने के लिए अपने हाईराइज प्लेटफार्म्स यहीं लगाने थे। लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके, अगर उसी जगह पर हाईराइज प्लेटफार्म्स वक्त रहते लग गये होते तो हम आग को शायद अन्य मंजिलों पर पहुंचने से रोक सकते थे। मजबूरी में हमें प्रभावित इमारत के सामने ले जाकर हाईराइज प्लेटफार्म्स खड़े करने पड़। जोकि जरुरत के हिसाब वाली जगह से काफी दूर थे।’

सूत्रों के मुताबिक अभी तक यह माना जा रहा है कि आग शार्ट सर्किट से लगी है। जबकि दूसरी ओर अस्पताल की बंद प्रयोगशाला में आग लगने के कारणों के बारे में पूछे जाने पर दिल्ली दमकल सेवा निदेशक विपिन कैंटल ने कहा कि, “यह जांच का विषय है। शार्ट सर्किट आग की एक वजह या कारण हो सकता है। मगर शार्ट सर्किट ही आग की वजह थी, यह मजबूत तरीके से कहना ठीक नहीं होगा।”

इसके पीछे उनका तर्क है कि, ‘आग संस्थान की बंद प्रयोगशाला में लगी। शनिवार का दिन अवकाश का दिन था। ऐसे में फिलहाल बंद प्रयोगशाला के भीतर आग शार्ट सर्किट से लगने की बात कह देना मुनासिब नहीं है। क्योंकि आग की पहली चिंगारी बंद लैब के अंदर किसी ने उठती देखी ही नहीं है।’

दिल्ली दमकल सेवा निदेशक विपिन कैंटल इस बात को बार-बार दोहराते हैं कि, ‘अस्पताल प्रशासन ने अगर अग्नि से प्रभावित हुई पांच मंजिला इमारत के पिछले हिस्से के भू-तल को भारी-भरकम जनरेटरों से न घेरा होता तो दिल्ली दमकल सेवा हर हाल में आग पांच मंजिला तक नहीं पहुंचने देती।’

उनके मुताबिक आग में कोई हताहत नहीं हुआ। नुकसान के बारे में पूछने पर कैंटल ने कहा, पांच मंजिला इमारत में करीब पांच कमरों को आग ने चपेट में लिया। रिकॉर्ड और कीमती मशीनरी का नुकसान जरूर बहुत ज्यादा हुआ। नुकसान की कीमत और रिकॉर्ड खाक होने का आंकड़ा एम्स और पुलिस की जांच के बाद ही सही-सही पता चल पायेगा।’

0 0
0 %
Happy
0 %
Sad
0 %
Excited
0 %
Angry
0 %
Surprise
Share Button

Related News:

उग्र आंदोलन की ओर बढ़ रहे हैं विकास(राँची) से ओरमाँझी के बीच एन.एच.-33 के विस्थापित
अमिताभ बच्चन और पटना के अधकचरे पत्रकार
महाराष्ट्र: शिवसेना के नेतृत्व में यूं सरकार बननी तय
मानव भ्रष्टाचार के नाम पर राजनीति कब तक !!
शत्रु संपत्ति कानून संशोधन विधेयक से महमूदाबाद राज परिवार को झटका
झंझावतों के बीच इंसाफ इंडिया को मिला जज मानवेन्द्र मिश्रा का यूं सहारा
अब परचून की दुकानों में शराब बेचेगी भाजपा सरकार
पूंजीवाद के साइड इफेक्ट और अंगार पर खड़ी दुनिया
SC का बड़ा फैसलाः फोन ट्रैकिंग-टैपिंग-सर्विलांस की जानकारी लेना है मौलिक अधिकार
नालंदा पुलिस को मिली बड़ी सफलता- पैक्स गोदाम से शराब की बड़ी खेप बरामद , फ्रीज से ढोयी जा रही थी शरा...
मंहगाई को लेकर संसद में विपक्ष का हल्ला बोल
!!!!क्यों बिक रहा है इंदौर के दैनिक नवभारत अखबार !!!
शिबू फिर बने पेंडुलम,चुनाव परिणाम आया नही कि मुख्यमंत्री बनने के लिये मारामारी
सरकारी दलालों के हाथ कलप-कलप के मर रहे हैं हमारे अन्नदाता
प्रियंका के इंकार के बाद रिंग में दस्ताने पहन यूं अकेले रह गए मोदी
राबड़ी-तेजस्वी को IRCTC केस में बेल, लालू रिम्स के कार्डियोलॉजी में एडमिट
पत्रकारिता का ए.बी.सी.डी. का ज्ञान नही,चला रहा है चैनल व मीडीया स्कूल
बिग बी पर लालू हुए लाल, सबसे नापसंद कलाकार बताया
कर्नाटक के सीएम येदुरप्पा अवैध खनन मामले में 1800 करोड़ रु.के घोटाले के दोषी करार, फिर भी पद नहीं छो...
हाई कोर्ट ने लगाई बालकृष्ण की गिरफ़्तारी पर रोक
उस महिला का गर्भपात की पुष्टि, कोडरमा घाटी में जिस अज्ञात महिला का मिला था शव
प्रियंका चोपड़ा ने मैरी क्लेयर के लिए कराए ऐसे हॉट फ़ोटोशूट 
चक्रवाती हवाओं के साथ इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना
ये है दैनिक प्रभात खबर के संवाददाता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
Close
error: Content is protected ! india news reporter