» …तो नया मोर्चा बनाएँगे NDA के बागी ‘कुशवाहा ‘   » पुलिस सुरक्षा बीच भरी सभा में युवक ने केंद्रीय मंत्री को यूं जड़ दिया थप्पड़   » SC का बड़ा फैसलाः फोन ट्रैकिंग-टैपिंग-सर्विलांस की जानकारी लेना है मौलिक अधिकार   » जयरामपेशों का अड्डा बना आयडा पार्क   » चारा घोटा की नींव रखने वाले को पर्याप्त सबूत होते भी सीबीआई ने क्यों बख्शा!   » बलिया-सियालदह ट्रेन से भारी मात्रा में नर कंकाल समेत अंतर्राष्ट्रीय तस्कर धराया   » लेकिन, प्राईवेट स्कूलों की जारी रहेगी मनमानी, बोझ ढोते रहेंगे मासूम   » ईको टूरिज्म स्पॉट बनकर उभरेगा घोड़ा कटोरा :सीएम नीतीश   » कानून बनाओ या अध्यादेश लाओ, राममंदिर जल्द बनाओ : उद्धव ठाकरे   » 26 को प्रभातफेरी निकाल बच्चें चमकाएंगे यूं सरकार का चेहरा  

प्रशासन को ठेंगा दिखा अपने अवैध होटल का विस्तार करने में मस्त है राजगीर का यह कथित जर्नलिस्ट

Share Button

सरकारी महकमा नगर पंचायत चुनाव में व्यस्त और कथित जर्नलिस्ट शिवनंदन अवैध होटल विस्तार में मस्त, क्या वाकई कोई कुछ नहीं बिगाड सकता ?

         -: मुकेश भारतीय :-

नालंदा की पावन धरती का स्वर्ग यानि प्राकृतिक मनोरम वादियों से आच्छादित राजगीर को छोटे-बड़े सफेदपोश अतिक्रमणकारी लील ही नहीं रहे हैं बल्कि, शासन-प्रशासन और सरकार को यह खुली चुनौती देते दिख रहे हैं कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।

गौर से देखिये इस भवन को। यह राजगीर गेस्ट हाउस होटल है। इसका मालिक शिवनंदन प्रसाद है, जो खुद को कथित जर्नलिस्ट बताता है। लेकिन क्या कोई मीडियाकर्मी इतनी हिमाकत कर सकता है कि सरकारी भूमि पर आलीशान होटल ही न बना ले अपितु, भूमि नापी और प्रशासनिक आदेश-निर्देश के बाबजूद आगे का निर्माण कार्य जारी रखे? ऐसे लोग जर्नलिस्ट के बजाय सफेदपोश ही अधिक कहलायेगें। वेशक ये सीधे तौर पर जिला प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं।

यह बात आयने की तरह बिल्कुल साफ हो गई है कि कथित जर्नलिस्ट शिवनंदन प्रसाद की राजगीर गेस्ट हाउस होटल मलमास मेला सैरात भूमि पर निर्मित है। मलमास मेला सैरात भूमि प्लॉट नंबर 5092, जिसकी कुल रकबा करीब 25 एकड़ है, उसकी सरकारी नापी में राजगीर गेस्ट हाउस होटल का पूरा भू-भाग निहीत है।

सबसे बड़ी बात कि जहां एक तरफ राजगीर में पूरा सरकारी महकमा नगर पंचायत चुनाव में व्यस्त हैं, वहीं दूसरी तरफ उसका लाभ उठा कर उक्त अवैध होटल के उपर दूसरे तल्ले का पक्का निर्माण हो रहा है। जैसा कि तस्वीरों से साफ स्पष्ट है।

जिला प्रशासन को चाहिये कि इस हिमाकत के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की व्यवस्था करे ताकि कोई राजगीर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व धार्मिक विरासत से इस तरह के खिलवाड़ करने की जुर्रत न करे।

जानकार बताते हैं कि प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने पूर्व डीएम कार्तिकेय साहेब के कार्यकाल में राजगीर के सफेदपोश अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये थे। उस आलोक में कार्रवाई भी आगे बढ़ी लेकिन, उनके स्थान पर डीएम त्यागराजन साहब के पदभार संभालने सारी कार्रवाई जहां थी, वहीं थम गई। इससे दबंग अतिक्रमणकारियों के हौसले और भी बुलंद नजर आ रहे हैं। ऐसे में वर्तमान वर्तमान डीएम की छवि प्रभावित होना लाजमि है।

Related Post

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
» जयरामपेशों का अड्डा बना आयडा पार्क   » …और खून से लथपथ इंदिरा जी का सिर अपनी गोद में रख सोनिया चल पड़ी अस्पताल   » ‘लालू के खिलाफ आपस में मिले थे सुशील मोदी, नीतीश कुमार, राकेश अस्थाना और पीएमओ’   » धर्मांतरण, घर वापसी और धर्मयुद्ध   » जयंती  विशेषः एक सच्चा पत्रकार, जो दंगा रोकते-रोकते हुए शहीद   » ‘लोकनायक’ के अधूरे चेले ‘लालू-नीतीश-सुशील-पासवान’   » जो उद्योग तम्बाकू महामारी के लिए जिम्मेदार हो, उसकी जन स्वास्थ्य में कैसे भागीदारी?   » इस बार उखड़ सकते हैं नालंदा से नीतीश के पांव!   » जानिये मीडिया के सामने हुए अलीगढ़ पुलिस एनकाउंटर का भयानक सच   » कौन है संगीन हथियारों के साये में इतनी ऊंची रसूख वाला यह ‘पिस्तौल बाबा’  
error: Content is protected ! india news reporter