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नालंदा डीएम के आदेश से अस्थावां PCH में शराब पीते धराये ‘धरती के 2 भगवान’, हुये निलंबित

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समूचे अस्पताल को मयखाना बना डाला था इन वेशर्म डाक्टरों ने

बिहारशरीफ (ब्यूरो रिपोर्ट)। राज्य में शराब बंदी कानून अस्तित्व में आने के डेढ़ साल बाद भी इस कानून का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। कभी बड़े पैमाने पर शराब पकड़ी जाती है तो कभी पीने वाले।

पहले तो पुलिस और पदाधिकारी द्वारा शराब पीने के कई मामले आती रही है लेकिन, इस बार तो हद हो गई। धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक ही शराब पीते पकड़े गए हैं। वह भी सरकारी अस्पताल में, जहां मरीजों का इलाज होता है। वहाँ चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल को मयखाना बना डाला था।

ताजातरीन यह मामला नालंदा के अस्थावां पीएचसी में सामने आया है ।

बताया जाता है कि अस्थांवा स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा प्रभारी प्रेम कुमार सिन्हा, नेत्र चिकित्सक सुधीर कुमार तथा स्वास्थ्य कर्मी प्रभात कुमार अस्पताल परिसर में शराब पी रहे थे। किसी ने इस मामले की जानकारी नालंदा डीएम को दे दी। नालंदा डीएम ने त्वरित एक्शन लेते हुए अस्थावां थाना प्रभारी राजीव रंजन राय को मामले की छानबीन के लिए अस्पताल जाने का निर्देश दिया। जब थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुँचे तो एक कमरे में उक्त तीनों जाम से जाम टकराने में व्यस्त थे।

थानाध्यक्ष ने मौके पर बची हुई शराब के साथ गिरफ्तार कर इसकी सूचना डीएम को दी है। डीएम ने दोनों चिकित्सक समेत स्वास्थ्य कर्मी को तत्काल निलंबित कर दिया है।

इस घटना की जानकारी मिलते ही जिले के स्वास्थ्य महकमा में खलबली मची हुई है। चहुंओर एक चिकित्सक द्वारा अस्पताल में शराब पीने और उनकी गिरफ्तारी की खबर फैल गई है।

अब सवाल यह उठता है कि जहाँ जिला प्रशासन शराब बेचने और पीने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। बाबजूद जिले में शराब पकड़े जाने और पीने के मामले हर दूसरे दिन सामने आ ही जाते है। आखिर इस बेशर्मी की हद कब होगी।

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