» महागठबंधन की तस्वीर साफ, लेकिन कन्हैया पर नहीं बनी बात   » बोले काटजू- “सत्ता से बाहर होगी भाजपा, यूपी-बिहार में रहेगी नील”   » नहीं रहे पूर्व रक्षा मंत्री एवं गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर, समूचे देश में शोक की लहर   » ‘इ जनता बा मोदी जी! दौड़ा-दौड़ा के सवाल पूछी’   » बज गई आयोग की डुगडुगी, जानिए 7 चरणों में कहां, कब और कैसे होगा चुनाव   » प्रशांत किशोर की ब्रांडिंग में उलझे नीतीश, जदयू में आई भूचाल   » वीडिय़ोः MP  ने मंत्री-पुलिस के सामने MLA को जूतों से यूं जमकर पीटा   » भाजपा की वेबसाइट हैक, दिखे यूं अश्लील मैसेज   » पुलिस गिरफ्त में पुलवामा आतंकी हमले के वांछित नौशाद उर्फ दानिश की पत्नी एवं बेटी   » रांची में गरजे राहुल गांधी- देश का चौकीदार चोर है  

धारा 120 बी के तहत दोषी लालू की सजाएं साथ चलेंगी या अलग-अलग, फैसला कोर्ट पर

Share Button

“ कोर्ट की ‘कंजुकेटिव’ या ‘कम्प्रीहेंसिंग’ फैसले पर निर्भर है लालू की सज़ा,  धारा 120 बी के तहत लालू की सजा का होगा निर्धारण, न्यूनतम 2 और अधिकतम 5 साल की सजा का प्रावधान, सजाएं साथ चलेंगी या अलग-अलग, फैसला न्यायालय पर निर्भर”

रांची (विनायक विजेता)। बहुचर्चित चारा घोटाले में देवघर कोषागार से अवैध निकासी संबंधित मामले में बीते 23 दिसम्बर को रांची के बिरसा मुंडा केन्द्रीय कारागार में भेजे गए पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर भादवि की धारा 120 बी के तहत सजा सुनाई जा सकती है।

रांची सीबीआई अदालत के अंदरुनी सूत्रों के अनुसार इस मामले में राजद सुप्रिमो को चारा घोटाले का षडयंत्रकर्ता मानकर न्यायालय उनके सजा के बिन्दुओं पर आगामी 3 जनवरी को फैसला सुनाएगी।

भादवि की धारा 120 बी के तहत न्यूनतम 2 वर्ष और अधिकतम 5 वर्ष की सजा का प्रावधान है।

गौरतलब है कि इसके पूर्व भी वर्ष 2013 में चारा घोटाला के एक अन्य मामले में लालू प्रसाद को पांच वर्ष की सजा रांची की ही सीबीआई अदालत ने सुनाई थी। तब 76 दिनों तक रांची के होटवार जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा लालू प्रसाद को जमानत मिली थी।

लालू प्रसाद की तरह ही पूर्व सांसद जगदीश शर्मा व आर के राणा पर भी इस धारा के तहत ही सजा सुनाए जाने की संभावना है।

अब सवाल यह है कि सजा के बिन्दुओं पर अदालत ‘कंजुकेटिव’ या फिर ‘कम्प्रीहेंसिंग’ का फैसला लेती है। ‘कंजुकेटिव’ के फैसले में जिस व्यक्ति को एक ही मामले में कई बार सजा मिलती है वो सारी सजाएं साथ-साथ चलती है पर ‘कम्प्रीहेंसिंग’ के आदेश में सारी सजाएं अलग-अलग चलती हैं।

लालू प्रसाद व पूर्व सांसद जगदीश शर्मा के समर्थकों और शुभचिंतकों को अब 3 जनवरी का इंतजार है कि उस दिन माननीय न्यायालय सजा के बिन्दुओं पर अपना क्या फैसला सुनाती है।

बहरहाल इस मामले में जेल भेजे गए लालू प्रसाद और पूर्व सांसद डा. जगदीश शर्मा जेल के स्पेशल वार्ड में साथ ही साथ रखे गए है।

Related Post

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
» राहुल गाँधी और आतंकी डार की वायरल फोटो की क्या है सच्चाई ?   » घाटी का आतंकी फिदायीन जैश का ‘अफजल गुरू स्क्वॉड’   » प्रियंका की इंट्री से सपा-बसपा की यूं बढ़ी मुश्किलें   » जॉर्ज साहब चले गए, लेकिन उनके सवाल शेष हैं..   » रोंगटे खड़े कर देने वाली इस अंधविश्वासी परंपरा का इन्हें रहता है साल भर इंतजार   » जानिए कौन थे लाफिंग बुद्धा, कैसे पड़ा यह नाम   » जयंती विशेष: के बी सहाय -एक अपराजेय योद्धा   » ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ का सरदार कितना असरदार !   » भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए आत्म मंथन का जनादेश   » जयरामपेशों का अड्डा बना आयडा पार्क  
error: Content is protected ! india news reporter