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जाति-धर्म के नाम पर नहीं, सामाजिक और शैक्षणिक आधार पर हो आरक्षणः उपेन्द्र कुशवाहा

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नालंदा ( राम विलास )। राजगीर की वादियों में आयोजित रालोसपा प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन दृष्टि पत्र पर खुल कर चर्चा हुई। इसके अलावे अशोक राज की परिकल्पना और धर्मनिरपेक्षता विषय पर चर्चा हुई। विषय के जानकारो के अलावे इस चर्चा में विभिन्न प्रदेशों से आये प्रदेश अध्यक्षों ने खुल कर विचार रखा। पिछड़ो और दलितों की तरह सवर्णो को भी आरक्षण से जोड़ने पर चर्चा हुई। शिविर के दूसरे दिन भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चर्चा के केंद्र में रहे।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि देश में आरक्षण जाति और धर्म के नाम पर नहीं बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 27 % आरक्षण में हिन्दू के अलावे मुस्लिम समाज के भी ऐसी ही शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग तो शतप्रतिशत आरक्षण के हिमायती हैं। इस पर अभी हम कुछ नहीं बोलेगे। इस पर बाद में बहस होगी।

सबकी शिक्षा अच्छी शिक्षा की चर्चा करते हुए केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री उपेन्द्र कुशवाह ने कहा कि केन्द्र सरकार गुणवत्ता पूर्ण अच्छी शिक्षा के लिए सदैव प्रयास रतन है। राज्य सरकारो को भी इसके लिए ठोस पहल करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के पहले नीतीश कुमार एक नेता ही नहीं बल्कि गरीबो, पिछड़ो और दलितों के मसिहा थे। सत्ता में आने के बाद वह सभी धारणाएं गलत लगने लगी।

उन्होंने कहा कि वे और नीतीश कुमार दोनों लोहिया के सिद्धांत आधारित राजनीति करते हैं। लेकिन नीतीश कुमार के कथनी और करनी मे अंतर है। एनडीए ने राष्ट्रपति उम्मीदवार तय करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अधिकृत किया है।

दृष्टि पत्र पर चर्चा करते हुए दलित-महादलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष फेंकू राम ने कहा कि दलितों और महादलितो का हाल बहुत बुरा है। 90 % मुशहर अशिक्षित हैं। शिक्षा में विशेष सुविधा दिलाते वगैरह उनकी हालात में सुधार असंभव जैसा लगता है।

मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार सिंह कुशवाहा ने कहा कि मध्य प्रदेश में पिछड़ी जातियों का हाल बहुत बुरा है। उन पर कहर बरपाया जा रहा है।

स्वच्छता अभियान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुधीर ओझा ने कहा कि केंद्रीय विद्यालयों में अनुबंध पर आधारित नियुक्ति पर रोक लगनी चाहिए तभी हम बिहार सरकार के अनुबंध पर आधारित नियुक्तियों का विरोध कर सकते हैं ।

ओझा ने शिक्षा आयोग के गठन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में निर्धारित मजदूरी से मानदेय कम नहीं मिलनी चाहिए। चाहे वह आंगनवाड़ी सेविका -सहायिका का मामला हो या आशा एवं अन्य कर्मियों की।

श्रमिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नागेंद्र कुशवाहा ने कहा कि रालोसपा कृषि और किसानों पर आधारित पार्टी बनी इसके लिए कृषि हित में विशेष निर्णय लिया जाना चाहिए । उन्होंने मनरेगा में हो रहे लूट और किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाया।

अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अब्दुल हक ने कहा कि 1 करोड़ 98 लाख से अधिक मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं इसके बावजूद उर्दू शिक्षा बदहाल है। उर्दू की पढ़ाई की व्यवस्था अच्छी नहीं है ।

महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष उर्मिला पटेल ने कहा आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव मिशन पर हमलोग काम कर रहे हैं। आगामी लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को आधी आबादी होने के नाते 50% टिकट मिलनी चाहिए ।

विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्याम बिहारी ने कहा दृष्टि पत्र में अधिवक्ताओं को कोई जगह नहीं मिली है । यह दुर्भाग्य । उन्होंने राष्ट्रीय और प्रदेश काउंसिल से लेकर के ग्राम कचहरी तक की चर्चा की। उसके हालात और व्यवस्थापक पर प्रकाश डाला।

कुशवाहा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जेपी वर्मा ने मिशन लोकसभा-विधानसभा पर चर्चा करते हुए कहा कि देश में किसान और कृषि दोनों संकट में हैं। कृषि आज घाटे का सौदा हो गया है । उत्तम खाद- बीज और मशीन किसानों को नहीं मिल रहे हैं । सस्ती दर पर लोन नहीं दिया जा रहा है । फसल जीवन बीमा योजना का लाभ बिहार के किसानों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में किसानों को अधिक से अधिक टिकट मिलनी चाहिए।

इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी पूर्व केंद्रीय मंत्री दसई चौधरी, सांसद रामकुमार शर्मा, फैजल इमाम मल्लिक, विजेंद्र निशांत, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश , रामेश्वर कुमार , संजू प्रिया एवं अन्य प्रमुख लोग उपस्थित थे।

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