» …तो नया मोर्चा बनाएँगे NDA के बागी ‘कुशवाहा ‘   » पुलिस सुरक्षा बीच भरी सभा में युवक ने केंद्रीय मंत्री को यूं जड़ दिया थप्पड़   » SC का बड़ा फैसलाः फोन ट्रैकिंग-टैपिंग-सर्विलांस की जानकारी लेना है मौलिक अधिकार   » जयरामपेशों का अड्डा बना आयडा पार्क   » चारा घोटा की नींव रखने वाले को पर्याप्त सबूत होते भी सीबीआई ने क्यों बख्शा!   » बलिया-सियालदह ट्रेन से भारी मात्रा में नर कंकाल समेत अंतर्राष्ट्रीय तस्कर धराया   » लेकिन, प्राईवेट स्कूलों की जारी रहेगी मनमानी, बोझ ढोते रहेंगे मासूम   » ईको टूरिज्म स्पॉट बनकर उभरेगा घोड़ा कटोरा :सीएम नीतीश   » कानून बनाओ या अध्यादेश लाओ, राममंदिर जल्द बनाओ : उद्धव ठाकरे   » 26 को प्रभातफेरी निकाल बच्चें चमकाएंगे यूं सरकार का चेहरा  

कुख्यात नक्सली कुदंन पाहन की फांसी की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे विकास मुंडा, कहा- सरेंडर की हो सीबीआई जांच

Share Button

रांची (INR)। झारखंड के कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन के सरेंडर पर आजसू विधायक विकास मुंडा बिफर पड़े हैं और वे अनिश्चितकालीन अनशन भी बैठ गए हैं। विधायक पूरे प्रकरण की सीबीआइ से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

रविवार से मोरहाबादी मैदान स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे विधायक ने कहा कि हत्या, लूट, बारूदी सुरंग विस्फोट समेत 128 कांडों के आरोपी को गिरफ्तार करने या मार गिराने के बजाय पुलिस ने उसके सामने घुटने टेकते हुए सरेंडर की पटकथा खुद लिखी है।

ज्ञात हो कि विधायक के पिता और पूर्व विधायक रमेश सिंह मुंडा की हत्या में भी कुंदन नामजद अभियुक्त है। विधायक ने मांग रखी है कि हत्यारे कुंदन पाहन के आत्मसमर्पण प्रकरण की जांच सीबीआइ से कराई जाए।

विधायक ने झारखंड पुलिस और सरकार के निर्णय पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा, डीएसपी प्रमोद कुमार, इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदवार के अलावा कई बेकसूर ग्रामीणों की हत्या और मासूम बच्चों को दस्ता में ले जाने के आरोपी को 15 लाख रुपये का चेक देना कैसा न्याय है। विधायक ने कहा कि उनके पिता लोकप्रिय नेता थे।

उनकी हत्या का दर्द क्या पुलिस वालों या कुंदन को है?  फ्रांसिस इंदवार की पत्‍‌नी और परिवार का दर्द इस रवैये से बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कुंदन पाहन के खिलाफ बिना किसी प्रत्यक्ष-परोक्ष के पुलिस और सरकार मजबूती से कोर्ट में अपना पक्ष रखे। सबूत पेश करे। गवाही दिलाए ताकि उसे फांसी की सजा मिल सके।

विधायक ने सवाल खड़ा किया कि जिस नक्सली को गिरफ्तार किया जा सकता था या मारा जा सकता था, उसकी आवभगत करते हुए आत्मसमर्पण कराने के सूत्रधार पुलिस अधिकारियों को चिन्हित करके उनके खिलाफ अविलंब कड़ी कारवाई की जाए।

Related Post

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
» जयरामपेशों का अड्डा बना आयडा पार्क   » …और खून से लथपथ इंदिरा जी का सिर अपनी गोद में रख सोनिया चल पड़ी अस्पताल   » ‘लालू के खिलाफ आपस में मिले थे सुशील मोदी, नीतीश कुमार, राकेश अस्थाना और पीएमओ’   » धर्मांतरण, घर वापसी और धर्मयुद्ध   » जयंती  विशेषः एक सच्चा पत्रकार, जो दंगा रोकते-रोकते हुए शहीद   » ‘लोकनायक’ के अधूरे चेले ‘लालू-नीतीश-सुशील-पासवान’   » जो उद्योग तम्बाकू महामारी के लिए जिम्मेदार हो, उसकी जन स्वास्थ्य में कैसे भागीदारी?   » इस बार उखड़ सकते हैं नालंदा से नीतीश के पांव!   » जानिये मीडिया के सामने हुए अलीगढ़ पुलिस एनकाउंटर का भयानक सच   » कौन है संगीन हथियारों के साये में इतनी ऊंची रसूख वाला यह ‘पिस्तौल बाबा’  
error: Content is protected ! india news reporter