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इस तरह तैयार की जाती है बढ़ते मांग के बीच सेक्स डॉल्स

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 सेक्स डॉल्स की लोकप्रियता बढ़ रही है। लोग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टेक्नोलॉजी वाली सिलिकॉन से बनी रोबोट सेक्स डॉल्स को अपना जीवनसाथी बन रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस ये रोबोट डॉल्स बातें भी करती हैं।

अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और चीन समेत दुनिया भर में लोग इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। एक सेक्स डॉल की कीमत 1।8-2 लाख रुपये के बीच होती है।

सेक्स डॉल्स की बढ़ती मांग के कारण यह इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है। चीन, सेक्स डॉल्स बनाने का बड़ा अड्डा है। हम आपको बता रहे हैं कि चीन की फैक्ट्री में कैसे तैयार होती हैं सेक्स डॉल्स।

फैक्ट्रियों में अलग-अलग स्टाइल और डिजाइन वाली सेक्स डॉल तैयार की जाती हैं। ऐसी ही एक फैक्ट्री WMDOLL है, जो कि चीन के ग्वांगडॉन्ग प्रांत में है। इन सेक्स डॉल्स के हेयरस्टाइल को भी बदला जा सकता है। इन सेक्स डॉल्स को ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। इन सेक्स डॉल्स के मूविंग पार्ट्स को रिमोट कंट्रोल से कंट्रोल किया जा सकता है।

इस इमेज में WMDOLL फैक्ट्री में एक वर्कर सेक्स डॉल का फोटो ले रहा है। सेक्स डॉल बनाने वाली चीन की WMDOLL फैक्ट्री में अभी 200 वर्कर काम करते हैं। WMDOLL फैक्ट्री में एक महीने में करीब 2,000 सेक्स डॉल बनती हैं। फैक्ट्री में 260 अलग-अलग चेहरों की डॉल्स बनाई जाती हैं।

फैक्ट्री में सारी डॉल्स हाथ से ही बनाई जाती हैं, इन्हें बनाने में मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। सेक्स डॉल्स को तैयार करके वेयरहाउस में रखा जाता है। विदेशी बाजारों में टैन्ड स्किन कलर वाली डॉल्स सबसे ज्यादा पॉपुलर हैं।

ऑनलाइन कस्टमर्स फोटोज के हिसाब से सेक्स डॉल्स का चुनाव कर सकता है। इस फोटो में वर्कर्स सेक्स डॉल्स को असेंबल कर रहे हैं।

रोबोट सेक्स डॉल्स में नाखून फिट कर रहा है फैक्ट्री का एक वर्कर। एक सेक्स डॉल तैयार करने में कम से कम पांच वर्कर्स के आपसी सहयोग की जरूरत होती है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस ये सेक्स डॉल्स बातें भी करती हैं। ग्राहकों को सप्लाई करने से पहले कई स्टेज में इनकी टेस्टिंग होती है।

फैक्ट्री में मेल सेक्स डॉल्स भी तैयार की जाती हैं। कंपनी के कुल प्रॉडक्ट्स में मेल सेक्स डॉल की हिस्सेदारी करीब 1 फीसदी है। इन डॉल को पुरुष ग्राहक ही खरीदते हैं।

चीन की कंपनियों की बनाई सेक्स डॉल्स की बिक्री में अभी एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी 80 फीसदी है। कंपनियों की सेल्स में करीब आधी हिस्सेदारी अमेरिका की है।

 

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