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इन बालू माफियाओं के खिलाफ पंगु साबित है नालंदा पुलिस-प्रशासन

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नालंदा (संवाददाता)। जहां एक तरफ सरकार और प्रशासन खनन माफियाओं को लेकर रोज नए कानून बना उन पर कार्रवाई करने के दावे करते हैं, वहीं दूसरी तरफ नालंदा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के तिउरी गांव के पश्चिम दक्षिण दिशा से नदी का किनारा जो कि बिहार थाना अंतर्गत आता है, उससे प्रतिदिन हो रहे करीब 150 से 200 ट्रैक्टर अवैध बालू निकासी बेरोक टोक जारी है।

ग्रामीणों के अनुसार इस अवैध निकासी को लेकर मानपुर थाना क्षेत्र के तिउरी गांव निवासी उमेश सिंह, भरत सिंह , दीपक कुमार, धर्मेंद्र कुमार उर्फ़ साधू सिंह, उपेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि के द्वारा अवैध जमीन से बालू का अवैध खनन कराया जा रहा है, जिसकी लिखित आवेदन बिहार शरीफ अंचलाधिकारी को दिया गया।

मगर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।

ग्रामीणों ने बताया कि इसकी सूचना जिला प्रशासन को भी दी गई और सदर डीएसपी निशित प्रिया के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन कर छापेमारी भी कराया गया। दर्जन भर अवैध वालू लदे वाहन भी जब्त किये गये।

 लेकिन अफसोस की बात है कि आज तक उन लोगों के ऊपर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो सकी और धड़ल्ले से बालू की निकासी लगातार करवाई जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार जिस जमीन से इन लोगों के द्वारा 15 से 20 फ़ीट गड्ढा खोदकर अवैध बालू की निकासी की जा रही है, वह जमीन सर्व प्रथम आम गैरमजरूआ है और उक्त जमीन से भारतीय रेलवे के द्वारा दनियावां शेखपुरा रेल परियोजना के द्वारा अधिग्रहित किया गया है।

फिलहाल जिस तरह से बेतरतीब ढंग से अवैध खनन हो रही है, उससे रेलवे को भी करोड़ों का नुकसान का सामना करना पड़ेगा। फिर भी माफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई न किया जाना जिला प्रशासन की मिलीभगत की ओर साफ संकेत देती है।

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