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आयरन लेडी इरोम शर्मीला को चुनाव मिले मात्र 90 वोट

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मणिपुर की आयरन लेडी के नाम से मशहूर इरोम शर्मीला ने अपने समाज के लोगों के लिए अपनी जिंदगी के 16 साल कुर्बान कर दिए। अफ्स्पा (आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पॉवर एक्ट) के खिलाफ अनशन 16 साल तक अनशन किया। अनशन के तोड़ने के आखिरी विकल्प के रूप में जब वह चुनाव मैदान पर उतरीं तो उन्हें समाज के लोगों से वह सिला मिला जिस पर किसी को यकीन न हो।

रोम को चुनाव में सिर्फ 90 वोट मिले। इरोम राज्य के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के खिलाफ थाउबल विधान सभा सीट से उतरीं थीं। इस चुनाव में इबोबी सिंह को 18649 वोट, दूसरे स्‍थान पर रहे भाजपा प्रत्याशी बसंता सिंह को 8179 वोट, तीसरे स्थान पर रहे तृणमूल के सुरेश सिंह को 144 वोट और चौथे स्थान पर रहीं इरोम को महज 90 वोट मिले।

चुनाव में पैसों की भी दिक्कत थी

मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम पीपल्स रिसर्जेंस एंड जस्टिस एलायंस नाम की पार्टी बनाकर पहली बार चुनाव मैदान पर उतरी थीं। चुनाव प्रचार के लिए उन्होंने पैसे की कमी को लेकर चिंता जताई थी और लोगों से अधिकत 10 रुपए तक चंदा देने का आग्रह किया था। उनकी इसी बात से प्रभावित होकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 50 हजार रुपए की सहायता राशि भेजी थी।

16 साल के लंबे अनशन का वर्ल्ड रिकॉर्ड

14 मार्च 1972 मो जन्मी इरोम चानु शर्मीला ने दो नवंबर 2000 को अफ्स्पा के खिलाफ अनशन शुरू किया था जिसे 9 अगस्त 2016 को खत्म किया था।

अनशन के दौरान जब भी उन्हें लोगों को संबोधित करने का मौका मिलता तो लोग इस कदर उनके पीछे खड़े हो जाते थे कि इलाके में हिंसक झड़पें भी हो जातीं। इस दौरान उन्हें कई बार उन्हें नजरबंद भी किया गया और कई बार रिहा किया गया।

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