» *एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क के कर्तव्य को अब आपके दायित्व की जरुरत…..✍🙏*   » ’72 हजार’ पर भारी पड़ा ‘चौकीदार’   » दहेज के लिए यूं जानवर बना IPS, पत्नी ने दर्ज कराई FIR   » ‘नतीजों में गड़बड़ी हुई तो उठा लेंगे हथियार और सड़कों पर बहेगा खून’   » चुनाव आयोग का ऐतिहासिक फैसला:  कल रात 10 बजे से बंगाल में चुनाव प्रचार बंद   » इस बार यूं पलटी मारने के मूड में दिख रहा नीतीश का नालंदा   » आभावों के बीच राष्ट्रीय खेल में यूं परचम लहरा रही एक सुदूर गांव की बेटियां   » ‘टाइम’ ने मोदी को ‘इंडियाज डिवाइडर इन चीफ’ के साथ ‘द रिफॉर्मर’ भी बताया   » पटना साहिब लोकसभा चुनाव: मुकाबला कायस्थ बनाम कायस्थ   » क्या गुल खिलाएगी ‘साहिब’ के ‘साहब’ की नाराजगी !  

अब परचून की दुकानों में शराब बेचेगी भाजपा सरकार

Share Button

उत्तराखंड में शराब बेचने का लाइसेंस पाने के लिए पांच लाख रुपये फीस भरनी होगी और इसके लिए दुकान का सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये होना चाहिए।“

(INR).  उत्तराखंड में भाजपा सरकार ने आबकारी नीति में कई तरह के संशोधन कर दिए हैं। इसके तहत अब विदेशी शराब और वाइन मोहल्ले में परचून की दुकानों पर बेची जा सकेगी।

शराब बेचने का लाइसेंस पाने के लिए पांच लाख रुपये फीस भरनी होगी और इसके लिए दुकान का सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये होना चाहिए। लाइसेंस की समय सीमा भी अब एक साल की जगह 3 साल कर दी गई है ।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा पेश किए आबकारी संशोधन संबंधी प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है। नए संशोधन के बाद शराब की दुकानों के समूहों के आवंटन को रद्द कर दिया गया है ।

सरकार ये संशोधन इसलिए लेकर आई है क्योंकि पिछले दिनों ही जारी हुई आबकारी नीति पर विवाद उत्पन्न हो गया था जिसमें बीस किमी के भीतर चार दुकानों के समूहों का आवंटन एक व्यक्ति या फर्म को देने का प्रावधान था।

संशोधित आबकारी नीति के अनुसार बीस कमरों तक के होटल को दिए जाने वाले बार की लाइसेंस फीस को पांच लाख से घटाकर तीन लाख कर दिया गया है। लाइसेंस को अब हर साल की बजाय तीन साल में रिन्यू कराया जा सकेगा।

तीन साल की लाइसेंस फीस एक साथ जमा करवाने पर पॉलिसी में दस प्रतिशत छूट का प्रावधान दिया गया है। सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के पीछे लाभ का उद्देश्य नहीं है। इस कदम का उद्देश्य शराब की अवैध बिक्री पर नजर रखना है।

चालू वित्त वर्ष की आबकारी नीति से रेस्टोरेंट और बार मालिक खुश नहीं थे और इसकी समीक्षा की मांग कर रहे थे। विदेशी शराब की बिक्री करने वाले डिपार्टमेंटल स्टोर की लाइसेंस फीस तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है।

हालांकि, कारोबार के सालाना टर्नओवर की सीमा पांच करोड़ से घटाकर पचास लाख और होटल, रेस्टोरेंट और बार के लिए पके भोजन की सालाना बिक्री की सीमा बारह लाख से घटाकर दस लाख कर दी गई है ।

गौरतलब है कि सरकार ने राजस्व में इजाफा करने के लिए बीस किमी के दायरे में एक स्थान पर चार शराब आउटलेट के क्लस्टर को मंजूरी दी थी।

इस कदम का कांग्रेस ने विरोध किया था और भाजपा पर शराब माफिया के पक्षधर होने का आरोप लगाया था। जिसके बाद इस फैसले को वापस ले लिया गया था।

कांग्रेस के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा था कि सरकार राज्य में शराब लाइसेंस वितरण प्रणाली के लिए क्लस्टर अप्रोच खास उद्देश्य से लेकर आई है, जिसका काम शराब माफिया को सीधे फायदा पंहुचाना है। क्योंकि सिर्फ बड़े खिलाड़ी ही इसमें भाग ले सकते हैं।

Share Button

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
» आभावों के बीच राष्ट्रीय खेल में यूं परचम लहरा रही एक सुदूर गांव की बेटियां   » मुंगेरः बाहुबलियों की चुनावी ज़ोर में बंदूक बनाने वाले गायब!   » राजनीतिक नेपथ्य में धकेले गए राम मंदिर आंदोलन के नायक और भाजपा का भविष्य   » ढींढोर पीटने वाले, फौजियों के इस गांव में कहां पहुंचा विकास   » शादी के बहाने बार-बार यूं बिकती हैं लड़कियां और नेता ‘ट्रैफिकिंग’ को ‘ट्रैफिक’ समझते   » बिहार के इस टोले का नाम ‘पाकिस्तान’ है, इसलिए यहां सड़क, स्कूल, अस्पताल कुछ नहीं   » यह है दुनिया का सबसे अमीर गांव, इसके सामने हाईटेक टॉउन भी फेल   » ‘शत्रु’हन की 36 साल की भाजपाई पारी खत्म, अब कांग्रेस से बोलेंगे खामोश   » राहुल गाँधी और आतंकी डार की वायरल फोटो की क्या है सच्चाई ?   » घाटी का आतंकी फिदायीन जैश का ‘अफजल गुरू स्क्वॉड’  
error: Content is protected ! india news reporter